– पूरे विश्व में अद्भुत अनूठा होगा सुसज्जित भव्य श्रीराम मंदिर
– श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास से जुड़े हैं 11 करोड़ परिवार
मीरजापुर (हि.स.)। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास के महामंत्री चम्पत राय ने कहा कि दिसम्बर 2023 तक रामलला अपने मूल निवास में विराजमान हो जाएंगे। रामलला को 2023 तक उनके मूल निवास में स्थापित कर दिया जाएगा। यात्री सुविधा के साथ भव्य राम मंदिर विश्व में अद्भुत अनूठा होगा। उन्होंने बताया कि अयोध्या में अगर दो लाख भी श्रद्धालु दर्शन करने लाइन में आ जाएं तो उन्हें छाया मिलेगी। 25 हजार लोग एक साथ मंदिर के गेट पर आकर खड़े हो जाएंगे तो उनको ट्रस्ट की ओर से सामान रखने की सुविधा मिलेगी।
दरअसल, चंपत राय मां विंध्यवासिनी का दर्शन करने गुरुवार को विंध्याचल आए थे। दर्शन-पूजन के बाद पुरानी वीआइपी मार्ग स्थित एक सभागार में मीडिया से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने कहा कि श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास से 11 करोड़ परिवार जुड़े हैं। दिसंबर 2023 तक राम मंदिर का भू-तल निर्माण पूरा होने के साथ रामलला की प्राण प्रतिष्ठा होगी।
कारिडोर निर्माण से मां विंध्यवासिनी का दर्शन होगा सुलभ
विंध्य कारिडोर पर कहा कि कारिडोर का अर्थ है मंदिर के सामने खुला मैदान। कारिडोर निर्माण होने से श्रद्धालुओं को धक्का-मुक्की से निजात मिलेगा ही, मां विंध्यवासिनी का दर्शन भी सुलभ होगा। यह तो सबके सामने है कि काशी विश्वनाथ कारिडोर बनने से बाबा विश्वनाथ धाम से लेकर गंगा तक जगह खाली हो गया।
मां विंध्यवासिनी की चौखट पर नवाया शीश, मांगा आशीष
विंध्य दरबार पहुंचे चम्पत राय सबसे पहले मां विंध्यवासिनी का दर्शन-पूजन किये। दर्शन-पूजन के बाद बावली तिराहा स्थित श्रवण वेदशाला के छात्रों ने माल्यार्पण व चुनरी भेंटकर उनका स्वागत किया। चम्पत राय ने छात्रों से बातचीत कर उनका उत्साहवर्धन किया। दर्शन-पूजन अगस्त्यमुनि उपाध्याय ने कराया।
गिरजा शंकर
