फिरोजाबाद(हि.स)। जनपद में दिव्यांग भरण पोषण अनुदान योजना (दिव्यांग पेंशन योजना) के तहत दिव्यांग पेंशन पाकर काफी खुश हैं और वह इस पेंशन की राशि से अपनी जरूरतों को पूरा कर रहे हैं। जिससे उनके जीवन में सुधार हो रहा है। जनपद में लगभग 14 हजार से अधिक दिव्यांग इस योजना से लाभान्वित हो रहे हैं।
कांच नगरी फिरोजाबाद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिव्यांगजन के कल्याण हेतु चलाई जा रही दिव्यांग भरण पोषण अनुदान योजना से जनपद के लगभग चौदह हज़ार चार सौ से अधिक दिव्यांगजन करीब डेढ़ करोड़ रुपये प्रति माह पेंशन प्राप्त कर अपने जीवन मे सुधार कर रहे हैं। इनमें 1,327 अल्पसंख्यक एवं ढाई हजार से अधिक अनुसूचित जाति के लोग शामिल हैं। इन लाभार्थियों को एक हज़ार रुपये प्रति माह के हिसाब से तिमाही पेंशन मिल रही है जबकि 25 कुष्ठ रोगियों को तीन हज़ार रुपये प्रति माह पेंशन दी जा रही है। इसके साथ ही उन्हें निःशुल्क उपकरण व सरकार की अन्य योजनाओं से भी लाभान्वित किया जा रहा है। दिव्यांगजन पेंशन, निःशुल्क उपकरण व अन्य योजनाओं का लाभ पाकर बहुत खुश हैं और सरकार की तारीफ करते हुए धन्यवाद दे रहे हैं।
पेंशन योजना के तहत दिव्यांगजन सरकार से मिलने वाले पैसे से अपनी ज़रूरतों को पूरा कर रहे हैं जिससे उनके जीवन में सुधार हो रहा है। इसके अलावा अभी भी छूटे हुए दिव्यांग अपने नाम पंजीकृत करा रहे हैं जिन्हें संबंधित कार्यालय द्वारा पूरा सहयोग किया जा रहा है।
दिव्यांग पेंशन योजना के लाभार्थी समीउद्वद्वीन निवासी जाटवपुरी का कहना है कि उन्हें एक हजार रुपये प्रतिमाह के हिसाब से पेंशन मिल रही है, तीन महीने में तीन हजार रुपये पेंशन आती है। इसके अलावा मुझे साइकिल भी मिली है। अन्य योजनाओं का लाभ भी मिल रहा है। मैं बहुत खुश हूं।
लाभार्थी मोहम्मद आमिर का कहना है कि उनकी पेंशन आ रही है। जब भी किसी समस्या को लेकर वह विभाग आते हैं तो उसका तत्काल समाधान किया जाता है। पेंशन पाकर वह बहुत खुश हैं।
मुख्य विकास अधिकारी चर्चित गौड़ का कहना है कि फिरोजाबाद में 14,406 दिव्यांग इस योजना के तहत पंजीकृत है जिन्हें प्रतिमाह शासन की मंशा के अनुसार एक हजार रूपये महीने के हिसाब से तिमाही में तीन हजार रुपये पेंशन दी जा रही है। इसके अलावा उन्हें शासन द्वारा समय-समय पर उपलब्ध कराये जाने वाले उपकरण भी प्रदान किये जाते हैं तथा अन्य योजनाओं से भी उन्हें लाभान्वित किया जा रहा है। वही 5 कुष्ठ रोगियों को तीन हजार रुपये प्रतिमाह पेंशन दी जाती है। इसके अलावा उन्हें विशेष सहयोग भी प्रदान किया जाता है।
कौशल
