गाजियाबाद (हि.स.)। गाजियाबाद के एक निजी अस्पताल के चिकित्सकों ने एक हादसे में युवक की छाती से लोहे की मोटी रॉड निकलने में सफलता पाई है। 11 नवम्बर को एक सड़क हादसे में युवक की छाती में लोहे की मोटी रॉड घुस कर फेफड़ों तक पहुँच गई थी । मरीज को पहले मुरादनगर स्थित आईटीएस अस्पताल ले जाया गया लेकिन हालात बिगड़ते देख डॉक्टरों ने उसे यशोदा अस्पताल में रेफर कर दिया था। ऑपरेशन करने वाले डॉ. आशीष गौतम ने बताया कि युवक को जब हमारे पास लाया गया तो उसकी दायीं छाती में गहरा घाव था और उसकी कई पसलियाँ टूट चुकी थी। लोहे की मोटी रॉड इतने अंदर तक पहुँच गई कि उसने फेफड़े को भी क्षतिग्रस्त कर दिया था। यशोदा अस्पताल पहुँचने तक मरीज का इतना खून बह चुका था कि तुरंत ऑपरेशन नहीं किया जाता तो मरीज की जान जा सकती थी। मरीज की हालत देखते हुए थोरेकोटमी तकनीक अपनाई गई जिससे उसके फेफड़ों का घाव बंद कर खून बहना बंद करने में मदद मिली। इसके बाद उसका ऑपरेशन किया गया। अब मरीज स्वस्थ है और जल्द ही उसे डिस्चार्ज भी कर दिया जाएगा। डॉ. गौतम ने बताया कि फेफड़ों में इस तरह की चोटें बेहद खतरनाक होती हैं और इसमें मरीज की हालत को बेहद खतरा होता है। इसी लिए सलाह दी जाती है कि मरीज को तुरंत किसी अच्छे अस्पताल में दाखिल किया जाए। अन्यथा अत्यधिक खून बहने से मरीज की जान जा सकती है। रोगी प्रशांत कुमार ने बताया कि वह 11 नवम्बर की सुबह मुरादनगर में जलालपुर रोड पर अपनी मोटर साइकिल से जा रहा था। तभी आगे से जा रहे एक ट्रक ने उसे टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भयंकर थी कि वह उछल कर सड़क के किनारे जा गिरा। जहां वह गिरा, वहाँ निर्माण कार्य चल रहा था और जगह-जगह लोहे के मोटी रॉड और सरिए पड़े थे। वह ऐसे ही एक मोटी एंगल पर गिरा जो उसके शरीर में फेफड़ों तक घुस गई।
