हवाओं की गति सामान्य से तेज रहने के आसार, होली पर खुशनुमा रहेगा मौसम
कानपुर (हि.स.)। पश्चिमी विक्षोभ का असर इस साल रुक-रुककर आ रहा है और इसी के चलते फरवरी माह में अन्य वर्षों की भांति तापमान नहीं रहा। यही हाल मार्च माह में भी रहा और अभी अप्रैल माह के शुरुआती दौर में भी ऐसा ही होने वाला है। इसके पीछे एक बार फिर पश्चिमी विक्षोभ का सक्रिय होना माना जा रहा है। संभावना है कि अप्रैल के पहले सप्ताह में तापमान में गिरावट आएगी और होली के आस—पास मौसम खुशनुमा रहेगा।
पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने को लौटता हुआ मानसून भी कहते हैं। इससे जनवरी माह से लेकर फरवरी माह तक मौसम में बदलाव रहता है और बारिश के साथ ओलावृष्टि की संभावना रहती है। होली के बाद पश्चिमी विक्षोभ का सक्रिय होना लगभग खत्म हो जाता है, लेकिन इस वर्ष पश्चिमी विक्षोभ रुक-रुककर आ रहा है। मौसम विभाग के मुताबिक अप्रैल माह के शुरुआती दिनों में पश्चिमी विक्षोभ फिर से सक्रिय होगा और तापमान में गिरावट आएगी। हालांकि होली के आस-पास का मौसम इसी तरह रहेगा और होरियारों को रंग खेलने में सर्दी का खास असर नहीं दिखेगा।
चन्द्रशेखर आजाद कृषि प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक डा. एसएन पाण्डेय ने शुक्रवार को बताया कि रविवार यानि 28 मार्च को तापमान पिछले कुछ दिनों के अधिकतम स्तर पर जा सकता है। अधिकतम तापमान 37 से 38 डिग्री तक पहुंचने की उम्मीद जताई जा रही है। 28 मार्च को होलिका दहन होगा, जबकि अगले दिन यानी 29 मार्च को होली खेली जाएगी। उस दिन तापमान भी 37 डिग्री के आसपास बना रहेगा। हालांकि, तापमान इतना भी नहीं बढ़ेगा कि लोगों की मुश्किलें बढ़ जाएं। होली के मौके पर तापमान खुशनुमा बना रहेगा और लोगों को दिन में ठंड का अहसास नहीं होगा। लेकिन आम तौर पर ऐसा माना जाता है कि होली के बाद तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की जाती है। बताया कि होली के ठीक बाद एक पश्चिमी विक्षोभ फिर से सक्रिय होने वाला है, जिसकी वजह से अप्रैल महीने की शुरुआत में एक बार फिर से तापमान में गिरावट दर्ज होगी। यानी तापमान में गर्म हवाओं के दस्तक के आसार फिलहाल नहीं हैं और ठंडी हवाओं की पहाड़ों से आवाजाही फिलहाल चलती रहेगी। बताया कि कानपुर परिक्षेत्र में आज का अधिकतम तापमान 32.6 और न्यूनतम तापमान 17 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सुबह की सापेक्षिक आर्द्रता 62 फीसद और दोपहर की सापेक्षिक आर्द्रता 29 फीसद रही। हवा की औसत गति 8.2 किमी प्रति घंटा रही और इनकी दिशाएं उत्तर पश्चिम रहीं।
