-अजब गजब वेश बना हुल्लड़बाजी, ढोल नगाड़े की थाप पर होली का चंदा वसूली
वाराणसी (हि.स.)। बाबा विश्वनाथ की नगरी काशी में होलिका दहन के दिन गुरुवार को ही होली की मस्ती और हुल्लड़बाजी दिखने लगी है। युवाओं और किशोरों पर होली की मस्ती उल्लास सिर चढ़कर बोलने लगा है। दिन चढ़ने के साथ ही शहर और गांवों में युवा अजब गजब वेश, लम्बे सुनहरे बाल और तरह-तरह का वस्त्र पहन मस्ती करने के साथ एक दूसरे को अबीर-गुलाल,रंग से रंगते रहे।
दोपहर से ही युवा और किशोरों की टोली ढोल नगाड़े की थाप पर होली का चंदा मांगने निकल पड़ी। इसके अलावा सड़कों और गलियों में राहगीर,आटो, ई-रिक्शा सहित अन्य वाहनों को रोक कर भी चंदा मांगते रहे। गलियों में छोटे-छोटे बच्चे रस्सी और बांस की बैरिकेडिंग कर चंदा ऐंठते रहे। उधर, घरों के पुराने लकड़ियों व झाड़-झंकरों और पुराने टूटे-फूटे फर्नीचरों को भी होलिका में रखा गया। पूरे दिन चन्दा उगाही के बाद युवा चौकाघाट लकड़ी मण्डी से ट्राली पर लकड़िया लाद कर लाये और अपने मोहल्ले और टोले की होलिका में रख इसे विशाल आकार दिया।
शास्त्र के अनुसार होलिका दहन का शुभ काल 12 बजकर 57 मिनट के बाद से है। ऐसे में होलिका दहन देर रात को होगा। ज्योतिषविदों के अनुसार पूर्णिमा गुरुवार अपराह्न 1.03 बजे लग रही है जो 18 मार्च को दोपहर 12.52 बजे तक है। ऐसे में भद्रा समाप्ति के बाद रात 12.57 बजे के बाद होलिका दहन किया जाएगा। काशी में होली 18 मार्च शुक्रवार को ही मनाई जाएगी।
श्रीधर
