बुजुर्गों के साथ बच्चों भी तेजी से हो रहे प्रभावित
कानपुर, 27 नवम्बर (हि.स.)। मौसम में आ रहे बदलाव से खासकर बुजुर्गों में दिल की बीमारियां बढ़ने लगेगी। हालांकि अब यह बीमारी आम हो चुकी है और किसी भी आयु के व्यक्ति को परेशान कर सकती है। इसके पीछे वर्तमान समय में अव्यवस्थित दिनचर्या, तनाव, गलत खान-पान, पर्यावरण प्रदूषण व अन्य कारण हैं। ऐसे में इस बीमारी से न तो घबराएं और न ही इसे नजरअंदाज करें। यह बातें शनिवार को आईएमए कानपुर के अध्यक्ष डा. बृजेन्द्र शुक्ला ने कही।
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) कानपुर शाखा ने शनिवार को आईएमए के सेमिनार हाल में पत्रकार वार्ता का आयोजन किया। आईएमए कानपुर के अध्यक्ष डॉ बृजेंद्र शुक्ला ने बताया कि हृदय रोग की बीमारी अब आम बीमारी हो गई है। दिल का दौरे को रोका नहीं जा सकता, परन्तु हम जोखिम को नियंत्रित कर सकते हैं। किसी भी नये लक्षण जैसे कि सांस फूलना, सीने में दर्द, अत्यधिक पसीना और चक्कर आना को हम इसलिए नजरअंदाज नहीं कर सकते क्योंकि वह लक्षण कम आयु वर्ग वाले लोगों में है। हार्ट अटैक किसी भी उम्र के और कितने भी स्वस्थ रोगी को हो सकता है।
शारीरिक मेहनत जरुरी
डा. शुक्ला ने कहा कि तीन दशक पूर्व संसाधनों का अभाव था। लोग पैदल चलते थे और मेहनत करते थे। इससे हृदय रोग व अन्य बीमारियों से बचाव भी होता था। अब आधुनिकता एवं विकास के नाम पर लोग मशीनों का सहारा ले रहे हैं। कोई व्यक्ति मेहनत नहीं करना चाहता जिसकी वजह से लोगों को मधुमेह, उच्च रक्तचाप जैसी समस्याएं हो रही और फिर हृदय रोग से पीड़ित हो रहे है।
बीमारी से ऐसे करें बचाव
डा. अभिनीत गुप्ता ने बताया कि हम यदि थोड़ा सा परिवर्तन अपनी दिनचर्या में लाएं तो कुछ हद तक हृदय से जुड़ी गंभीर समस्याओं से बच सकते हैं। प्रतिदिन अन्य कार्यों की तरह ही व्यायाम के लिए भी समय निकालें और सुबह शाम पैदल चले। भोजन में नमक और वसा की मात्रा कम कर लें, अधिक मात्रा में यह हानिकारक होते हैं। ताजे फल और सब्जियों को आहार में शामिल करें। तनाव मुक्त जीवन जिए तनाव अधिक होने पर योगा व ध्यान के द्वारा इस पर नियंत्रण करें। धूम्रपान का सेवन बिल्कुल बंद कर दें, यह हृदय के साथ ही कई बीमारियों का कारक है। स्वस्थ शरीर और दिल के लिए भरपूर नींद लें।
यह रहे मौजूद
पत्रकार वार्ता में डॉ0 पल्लवी चौरसिया, डॉ0 ए0 के0 त्रिवेदी, डॉ0 अशोक वर्मा, डॉ0 देवज्योति देवराय, डॉ0 आर0 पी0 एस0 भारद्वाज, डॉ0 मोहम्मद अहमद, डॉ0 ए0 सी0 अग्रवाल आदि ने भी अपने-अपने विचार रखे।
