नई दिल्ली(हि.स.)। सुप्रीम कोर्ट ने हाथरस मामले की पीड़ित युवती के परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने और परिवार को हाथरस से बाहर स्थानांतरित करने पर विचार करने के इलाहाबाद हाई कोर्ट के निर्देश को चुनौती देने वाली उत्तर प्रदेश सरकार की याचिका खारिज कर दी है। चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली बेंच ने यूपी सरकार की याचिका को खारिज करते हुए कहा कि विशेष तथ्यों और परिस्थितियों में हम हाई कोर्ट के आदेश में दखल नहीं देना चाहते हैं।
कोर्ट ने कहा कि राज्य सरकार को इन मामलों के खिलाफ नहीं आना चाहिए, क्योंकि ये परिवार को दी जाने वाली सुविधाएं हैं। यूपी सरकार की ओर से पेश वकील गरिमा प्रसाद ने कहा था कि हाई कोर्ट के आदेश के मुताबिक हम परिवार को स्थानांतरित करने के लिए तैयार हैं, लेकिन वो स्थानांतरण गाजियाबाद या दिल्ली करना चाहते हैं। इसके अलावा पीड़ित युवती का बड़ा विवाहित भाई आश्रित की जगह नियुक्ति चाहता है।
इलाहाबाद हाई कोर्ट ने 22 जुलाई, 2022 को इस मामले पर स्वत: संज्ञान लेते हुए राज्य सरकार को निर्देश दिया था कि वो हाथरस मामले की पीड़ित युवती के परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने और परिवार को हाथरस से बाहर स्थानांतरित करने पर विचार करे। इलाहाबाद हाई कोर्ट के इस आदेश को उत्तरप्रदेश सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी।
संजय/वीरेन्द्र
