हाथरस (हि.स.)। बहुचर्चित हाथरस कांड को लेकर मंगलवार को स्थानीय विशेष न्यायालय एससी/एसटी में सुनवाई होनी थी। जिसमें वादी (लड़की का भाई) गवाही थी। लेकिन वादी के कोर्ट में न आने के कारण कुछ न हो सका। पीड़ित पक्ष के वकील भागीरथ सिंह सोलंकी ने बताया कि निजी काम होने की वजह से आज वादी नहीं आ सका है, लिहाजा उसे उन्हे अगली तारीख दी जाये। कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई को लेक अगली तारीख 17 मार्च को दी है।
दरअसल, 14 सितम्बर की सुबह चंदपा कोतवाली इलाके में एक युवती की गला दबाकर जान से मारने की कोशिश की जाती है। पीड़ित को आनन-फानन में जिला अस्पताल लाया जाता है। जिसे वहां से अलीगढ़ रेफर कर दिया जाता है। परिजनों की तहरीर के आधार पर पुलिस ने आरोपित संदीप के खिलाफ धारा 307 व एससी-एसटी एक्ट में मुकदमा दर्ज कर लिया था। मामले में तीन अन्य लोगों के नाम नामजद एफआईआर दर्ज की गई थी और एक-एक कर सभी को गिरफ्तार कर लिया गया था। 29 सितम्बर को दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में पीड़ित की मौत हो गई थी।
घटना के बाद प्रदेश के साथ देश में प्रदर्शन शुरू हो गए थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रदेश सरकार ने घटना की सीबीआई जांच कराने की संस्तुति की थी। सीबीआई ने एफआईआर दर्ज कर इस पूरे मामले की जांच की थी। सीबीआई ने पीड़ित के आखिरी बयान के आधार पर चारों युवकों को अपराधी माना था।, जिसकी सुनवाई चल रही है।
पीड़ित पक्ष के वकील भागीरथ सिंह सोलंकी ने कहा कि बुधवार को अगली तारीख है। मंगलवार को निजी कार्यों के चलते वादी आ नहीं सका।
