केन्द्र व राज्य सरकारों समेत कोई भी सरकारी अथॉरिटी नहीं दाखिल कर सकेंगे मैनुअल मुकदमा
सुप्रीम कोर्ट ई कमेटी के निर्देश का होगा अमल
प्रयागराज (हि.स.)। इलाहाबाद हाईकोर्ट में अगले वर्ष एक जनवरी-2022 से केन्द्र सरकार अथवा राज्य सरकार समेत सरकार के किसी भी अथॉरिटी की तरफ से कोई भी केस अब ई-फाइलिंग मोड से ही दाखिल होगा। सुप्रीम कोर्ट ने ऐसा करने का देश के सभी हाईकोर्ट को कहा है। सुप्रीम कोर्ट के इस निर्णय के क्रम में हाईकोर्ट ने सरकारों को केसों को ई-फाइलिंग मोड से करने को कहा है।
हाईकोर्ट के निर्देश के अनुपालन में यहां प्रदेश सरकार के मुख्य स्थाई अधिवक्ता व शासकीय अधिवक्ता ने सिविल व क्रिमिनल साइड के सभी सरकारी वकीलों को जनवरी से ई-फाइलिंग मोड में केसों को दाखिल करने को कहा है। इस प्रक्रिया के लिए हाईकोर्ट में काम करने वाले सभी सरकारी वकीलों को कहा गया है कि वह अपना शीघ्र डिजिटल हस्ताक्षर बनवा कर मुख्य स्थाई अधिवक्ता कार्यालय को सूचित करें। सभी सरकारी वकीलों को डिजिटल सिग्नेचर बनवा कर 24 दिसम्बर तक बताने को इसलिए कहा गया है ताकि केसों का दाखिला अगले साल से होने में किसी प्रकार का कोई अड़चन न हो।
मालूम हो कि वर्तमान में चाहे सरकारी तंत्र हो अथवा प्राइवेट वकील, सभी मुकदमा तैयार कर हाईकोर्ट में मैनुअल दाखिल कर देते हैं। परन्तु अब सुप्रीम कोर्ट की ई कमेटी के अध्यक्ष जस्टिस डॉ डी वाई चंद्रचूड़ द्वारा हाईकोर्ट को कहा गया है कि वह एक जनवरी 2022 से सरकार के लिए मुकदमों का दाखिला ई फाइलिंग मोड से ही स्वीकार करेंगे। इस कारण सरकार के लिए मुकदमों का दाखिला ई फाइलिंग मोड से करना अनिवार्य हो गया है।
