कानपुर (हि.स.)। पहाड़ों पर बर्फबारी के बीच हवाओं की दिशाएं उत्तरी पश्चिमी हो गई। इससे कानपुर परिक्षेत्र में आसमान साफ हो गया और तापमान सामान्य से अधिक हो गया, लेकिन हवाओं की अधिक रफ्तार से सर्दी बरकरार है। मौसम विभाग का कहना है कि आगामी पांच दिनों में बारिश की संभावना नहीं है और तापमान में उतार चढ़ाव का दौर बना रहेगा।
चन्द्रशेखर आजाद कृषि प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक डॉ. एस एन सुनील पाण्डेय ने बुधवार को बताया कि दक्षिण-पूर्व और इससे सटे दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना हुआ डिप्रेशन एक गहरे डिप्रेशन में बदल गया है। सात दिसम्बर को 5:30 बजे यह अक्षांश 8.6 उत्तर और देशांतर 86.4 पूर्व के पास था। यह पिछले छह घंटों के दौरान 12 किमी प्रति घंटे की गति से आगे बढ़ा है। यह त्रिंकोमाली (श्रीलंका) से लगभग 570 किमी दक्षिण पूर्व, जाफना से लगभग 710 किमी पूर्व दक्षिण पूर्व, कराईकल से लगभग 770 किमी पूर्व दक्षिण पूर्व और चेन्नई से लगभग 830 किमी दक्षिण पूर्व में था। इसके पश्चिम उत्तर पश्चिम दिशा में बढ़ने की उम्मीद है और 07 दिसम्बर की शाम तक एक चक्रवात में बदल सकता है। पश्चिमी विक्षोभ उत्तरी पाकिस्तान और इससे सटे इलाकों पर बना हुआ है।
कानपुर में अधिकतम तापमान 25.0 और न्यूनतम तापमान 11.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सुबह की सापेक्षिक आर्द्रता 82 और दोपहर की सापेक्षिक आर्द्रता 33 प्रतिशत रही। हवाओं की दिशाएं उत्तर पश्चिम रहीं, जिनकी औसत गति 4.7 किमी प्रति घंटा रही।
अजय
