बलिया(हि. स.)। योगी सरकार में परिवहन मंत्री बनने के बाद पहली बार रोडवेज की बस से यात्रा के दौरान दयाशंकर सिंह को अच्छी नींद आयी। उन्होंने बस यात्रा के अनुभव को साझा करते हुए कहा रेलवे से भी खूबसूरत रोडवेज की स्लीपर बसें हैं। अब तो हम हवाई जहाज से मुकाबला कर रहे हैं। जहाज से पहले हम लोगों को रोडवेज की बसों से भेज देते हैं।
उस समय बलिया से लखनऊ के लिए डायरेक्ट सेवा नहीं थी। बहुत दिनों के बाद रोडवेज से यात्रा किया। रात में ग्यारह बजे चलकर यहां सुबह साढ़े पांच बजे पहुंचा। पूरी यात्रा के दौरान मैं सोया रहा। बहुत दिनों बाद इतनी देर तक सोने का अवसर मिला। मुझे बहुत सुखद अनुभूति हुई है। यात्रियों को क्या सुविधाएं मिल रही हैं, इसी को देखने के लिए मैंने बस यात्रा की। और क्या किया जा सकता है, इसके लिए भी मैंने यह यात्रा किया।
बस के अंदर यात्री सुविधाओं से संतुष्ट दिखे। हालांकि, एक बात की कमी महसूस हुई। वह थी शौच की व्यवस्था की। लंबी यात्रा के दौरान यात्रियों के लिए ऐसी बसें होनी चाहिए जिनमें शौचालय हो। इस पर काम किया जाएगा। बोले, मैं कोशिश करूंगा कि बलिया से लखनऊ आने-जाने में मैं रोडवेज बसों का ही इस्तेमाल करूं। इससे गाड़ियों का डीजल और समय बचेगा। साथ ही मुझे पूरी नींद भी मिलेगी। अपील किया कि देश के बड़े शहरों और धार्मिक स्थलों तक यूपी रोडवेज की बसें जा रही हैं। इनका लाभ सभी को लेना चाहिए।
ट्रेनों की तरह रोडवेज बसों का करेंट स्टेटस जान सकेंगे यात्री
परिवहन राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह ने कहा जल्द ही हम यूपी रोडवेज की बसों को जीपीएस सिस्टम से लैस करने जा रहे हैं। इससे यात्रियों की सुरक्षा बढ़ेगी। हर कोई चलती बस का करेंट स्टेटस जान सकेगा। कहा कि महिला सुरक्षा पर विशेष ध्यान है। महिलाओं के लिए हमने पिंक बस सेवा शुरू की है। पिंक बसों में पैनिक बटन की सुविधा है। जिसे दबा देने पर मोबाइल रहने वाले रोडवेज के कर्मचारी तुरंत मौके पर पहुंच जाएंगे। पिंक बसों में अभी तक महिला कंडक्टर दे रहे थे। अब महिला चालकों को ट्रेनिंग दे रहे। दो साल की ट्रेनिंग के बाद पिंक बसों में महिला ही ड्राइवर भी होंगी।
जहाज से पहले बस से पहुंचेंगे यात्री
परिवहन मंत्री ने कहा कि रोडवेज की एक्सप्रेस बसों से हम लोग हवाई जहाज से भी पहले लोगों को लखनऊ से दिल्ली भेज देते हैं। कहा कि पूर्वांचल एक्सप्रेस वे से बसें चलेंगी तो बलिया से लखनऊ जाने और आने में चार घण्टे लगेंगे। इस प्रकार बलिया से नौ घण्टे में दिल्ली पहुंच जाएंगे। जबकि ट्रेन से पंद्रह-सोलह घण्टे लगते हैं। ट्रेन से कम समय के साथ ही कम किराया भी लगेगा।
यूपी में चलेंगी हाइड्रोजन बसें
यूपी में पायलट प्रोजेक्ट के तहत हाइड्रोजन बसें चलाने जा रहे हैं। शुरुआत में हाइड्रोजन बसों का संचालन नोयडा-अगरा के बीच होगा। चूंकि अभी सिर्फ नोयडा में ही हाइड्रोजन रिफलिंग होती है। इसलिए अभी हाइड्रोजन बसों का संचालन नोयडा से आगरा के बीच ही पायलट प्रोजेक्ट के तहत होगा। इसके बाद लखनऊ से आगरा, लखनऊ से झांसी, लखनऊ से प्रयागराज, लखनऊ से काशी के बीच में चलाने की योजना है। इसके लिए केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से बात हुई है। चार्जिंग प्वाइंट खुल जाएगा तो हम हाइड्रोजन बसों के प्रदेश के मुख्य शहरों तक संचालन के आगे बढ़ेंगे। कहा कि प्रदेश के विभिन्न शहरों में तो तीन सौ से अधिक इलेक्ट्रिक बसें चल ही रही हैं। अब ग्रामीण इलाकों में भी यूपी रोडवेज की इलेक्ट्रिक बसों का संचालन किया जाएगा। इसमें साधारण बसों जितने किराए में ही वातानुकूलित बसों जितनी सुविधाएं मिलेंगी।
पंकज
