Friday, April 3, 2026
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हर नागरिक के कर्तव्य निर्वहन करने पर एक भारत-श्रेष्ठ भारत की परिकल्पना होगी साकार : योगी आदित्यनाथ

अमृत महोत्सव कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने काकोरी शहीद स्मारक में अमर सेनानियों को श्रद्धांजलि की अर्पित

लखनऊ(हि.स.)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 2022 देश की आजादी के अमृत महोत्सव का है। इस वर्ष हमें 25 वर्ष की उस कार्य योजना को भी साथ लेकर चलना होगा कि जब 2047 में भारत अपनी स्वतंत्रता के 100 वर्ष मना रहा होगा। उसकी उपलब्धियां भी उस एतिहासिक क्षण के अनुरूप हो। अगर हर नागरिक अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से निर्वहन करेगा तो हम दुनिया में भारत को एक महान देश के रूप में स्थापित कर सकेंगे तथा एक भारत श्रेष्ठ भारत की परिकल्पना को साकार कर सकेंगे।
मुख्यमंत्री शुक्रवार को देश की आजादी की 75वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य पर आयोजित ‘अमृत महोत्सव’ कार्यक्रम में बोल रहे थे। उन्होंने काकोरी स्थित शहीद स्मारक पहुंचकर स्वतंत्रता संग्राम के अमर सेनानियों को श्रद्धांजलि अर्पित की। 
मुख्यमंत्री ने देश की स्वतंत्रता आन्दोलन के नायक राम प्रसाद बिस्मिल, राजेंद्र नाथ लाहिड़ी, चंद्रशेखर आजाद, रोशन सिंह, अशफाकउल्ला खां को अपने श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए कहा कि इन महान क्रांतिकारियों के जीवन का लक्ष्य ही देश की स्वाधीनता थी। उस समय जब भारत की जनता के रुपये का इस्तेमाल भारतीयों के दमन के लिए किया जा रहा था, तब आजादी के इन मतवालों ने काकोरी कांड को अंजाम देकर अंग्रेजी हुकूमत को चुनौती दी थी। 
उन्होंने कहा कि 12 मार्च, 1930 को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के नेतृत्व में देश की आजादी के दीवानों ने सम्पूर्ण स्वाधीनता के लिए एक आन्दोलन की शुरुआत की थी। दांडी मार्च 12 मार्च, 1930 से 06 अप्रैल, 1930 तक निकला था, उन स्मृतियों को ताजा करने के लिए इस मार्च का शुभारम्भ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा गुजरात के ऐतिहासिक स्थान-दांडी से किया गया है।
उन्होंने कहा कि हम सब के लिए यह सौभाग्य का विषय है कि 15 अगस्त, 2022 को देश की आजादी के 75 वर्ष पूर्ण होने जा रहे हैं। इसके उपलक्ष्य में पूरा देश आजादी के अमृत महोत्सव को 75 सप्ताहों तक हर्षोल्लास के साथ आयोजित कर सके, इस दृष्टि से आज यह कार्यक्रम प्रारंभ होने जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज उत्तर प्रदेश में चार स्थानों कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। लखनऊ के अलावा मेरठ, झांसी और बलिया में भी ऐसे ही कार्यक्रम आयोजित हो रहे हैं। इसमें से उन्हें 1925 के काकोरी घटना के महत्वपूर्ण स्थल पर आने सौभाग्य प्राप्त हुआ है। उन्होंने काकोरी घटना के सभी अमर शहीदों को, जिन्होंने देश की स्वाधीनता के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर किया था, उन्हें शत-शत नमन किया। 
मुख्यमंत्री ने कहा कि हम सब जानते हैं कि 04 फरवरी, 1922 को आजादी के आन्दोलन को एक नई दिशा देने वाली चौरी-चौरा की ऐतिहासिक घटना भी हुई थी। इस घटना के 100 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में एक वर्ष तक चलने वाले कार्यक्रमों का शुभारंभ प्रधानमंत्री मोदी के कर कमलों द्वारा किया जा चुका है।
उन्होंने कहा कि हमने तय किया है कि आजादी के आन्दोलन की जितनी भी प्रमुख तिथियां हैं, अगले एक वर्ष के दौरान हर घटना की स्मृति में हर शहीद स्मारक पर प्रदेश सरकार के स्तर पर जनसहभागिता के साथ आजादी के ज्ञात व अज्ञात शहीदों के स्मरण हेतु कार्यक्रम आयोजित होंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह आजादी अचानक नहीं मिली। आजादी के लिए काफी संघर्ष हुए। उस समय युवा पीढ़ी ने अपना बलिदान दिया, बुजुर्गों ने मार्गदर्शन किया। माताओं व बहनों ने उस आन्दोलन से जुड़कर एक नई दिशा देने का कार्य किया था। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के नेतृत्व में हुए ऐतिहासिक दांडी मार्च पर आयोजित इस कार्यक्रम को प्रधानमंत्री अमृत महोत्सव के साथ आगे बढ़ाने का कार्य कर रहे हैं। उन्होंने इस अवसर पर इस ऐतिहासिक स्थल पर 75 सप्ताह तक चलने वाले ‘अमृत महोत्सव’ के शुभारंभ पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं भी दी।

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