लोगों की बढ़ती व्यस्तता के कारण बुजुर्गों को सताता है एकाकीपन
लखनऊ(हि.स.)। बुजुर्गों को ध्यान में रखकर उप्र सरकार उनकी हर बात की फिक्र कर रही है। जिलों में बने वृद्धाश्रमों में टीवी से लेकर भजन कीर्तन के लिए ढोल मंजीरा की भी व्यवस्था है। यही नहीं बुजुर्गों के लिए एक हेल्प लाइन नंबर 14567 भी है, जिस पर बुजुर्गों की सहायता की जाती है। केंद्र सरकार की नोडल के रूप में यहां उप्र में इसका लखनऊ के विभूतिखंड में इसका सेंटर स्थापित किया गया है, जहां 20 महिलाएं कार्यरत हैं।
इस संबंध में टोल फ्री नंबर का भी प्रभार देख रहे कृष्णा प्रसाद का कहना है कि हर दिन प्रदेश के 1200 से 1500 तक बुजुर्गों का फोन आता है। उनकी एक-एक समस्या का निदान करने की कोशिश की जाती है। बहुत से बुजुर्ग तो अपने एकाकीपन को दूर करने के लिए फोन करते हैं, लेकिन उन्हें भी कभी निराश नहीं किया जाता। महिलाएं जो भी समस्या बताती हैं, उनके अनुसार उपयुक्त राय देती रहती हैं। कभी भी ऐसा नहीं होने दिया जाता कि कोई बुजुर्ग बात करे और उसको वहां से संतुष्टि न मिले।
इस नंबर पर बुजुर्गों की पेंशन, कानूनी मुद्दों, राशन कार्ड, आवास योजना, आयुष्मान कार्ड योजना, प्रधानमंत्री सम्मान निधि योजना सहित अन्य जानकारियां और मार्ग दर्शन मुफ्त में प्रदान किये जाते हैं। इस संबंध में समाजसेवी संजय सिंह का कहना है कि परिवार का ताना-बाना धीरे-धीरे खत्म होता जा रहा है। हर आदमी व्यस्त है। बुजुर्गों को एकाकीपन दूर करने के लिए हर वक्त बात करने की आवश्यकता महसूस होती है। इस कारण किसी के न मिलने पर वे इसी हेल्पलाइन नंबर की सहायता लेते होंगे।
उपेन्द्र/बृजनंदन
