Tuesday, April 7, 2026
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हर ग्राम पंचायत में एक अमृत सरोवर के विकास का निर्णय : केशव प्रसाद

लखनऊ (हि.स.)। उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि देश की आजादी के 75 वर्ष के उपलक्ष्य में आजादी के अमृत महोत्सव के अवसर पर प्रत्येक जनपद में अमृत सरोवरों का विकास किया जायेगा। प्रत्येक लोकसभा में 75 अमृत सरोवरों के साथ साथ प्रत्येक ग्राम पंचायत में एक अमृत सरोवर के विकास का निर्णय लिया गया है।

उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि अमृत सरोवर जहां पर्यावरण संरक्षण, संवर्धन और वाटर रिचार्जिंग के लिए वरदान साबित होंगे। वहां पर तमाम अवस्थापना सुविधाओं के विकास, रमणीक स्थल के रूप में विकसित किये जाने से ग्रामीण पर्यटन के केन्द्र भी साबित होंगे। इस सम्बन्ध में सभी जिलाधिकारियों, जिला कार्यक्रम समन्वयक (मनरेगा) को उत्तर प्रदेश शासन, ग्राम्य विकास विभाग द्वारा दे दिये गये हैं।

कहा कि प्रदेश के प्रत्येक लोकसभा क्षेत्र में अमृत सरोवर यानि कि कुल छह हजार अमृत सरोवरों का चिन्हांकन उनके प्रगति की रिपोर्टिंग व डाक्युमेंटेशन आदि भारत सरकार द्वारा निर्धारित एमआईएस, पोर्टल पर किया जाएगा। अमृत सरोवरों के विकास का कार्य ग्राम पंचायतों, क्षेत्र पंचायतों व जिला पंचायतों को केन्द्रीय वित्त आयोग टाइड अनटाइड, राज्य वित्त आयोग व मनरेगा योजना में प्राप्त होने वाली धनराशि से कराया जाएगा।

कहा कि हर जिला पंचायत अपने जनपद में कम से कम 05 अमृत सरोवरों का निर्माण पूर्ण कराएगी एवं प्रत्येक क्षेत्र पंचायत अपने विकास खण्ड में कम से कम 03 अमृत सरोवरों का विकास मनरेगा, केन्द्रीय वित्त आयोग, राज्य वित्त आयोग की धनराशि से करायेंगे। समस्त अमृत सरोवरों के रखरखाव की जिम्मेदारी ग्राम पंचायत की होगी। अमृत सरोवर में वर्ष पर्यन्त जल की उपलब्धता बनी रहें, इसकी व्यवस्था भी की जाएगी। परन्तु अमृत सरोवर को मुख्यतः वर्षा जल को संचित कर ही भरा जाएगा।

जोर देते हुए कहा कि अमृत सरोवर के तट पर अथवा आस-पास मौके की स्थिति के अनुसार नीम, पीपल, कटहल, जामुन, बरगद, सहजन, पाकड़, महुआ के पौधे लगाये जाएंगे। हर जनपद में अमृत सरोवरों की एक कार्य योजना बनायी जाएगी, जो विभाग को प्रेषित की जाएगी। कार्य-योजना में साईट के जीपीएस कोआर्डिनेट का वर्णन होगा। अमृत सरोवर वाटर स्टेस्ड विकास खण्डों में चयनित किए जायेंगे।

ग्राम्य विकास मंत्रालय, भारत सरकार के पोर्टल water.ncog.gov.in/Amrit Sarovar/login पर प्रत्येक जनपद के लिए यूजर आई.डी. और पासवर्ड जो प्रारम्भिक रूप से उस जनपद का नाम ( अंग्रेजी में) पहला लेटर कैपिटल के साथ तथा शेष लेटर स्मॉल बनाया गया है। प्रत्येक जनपद में लगभग 100 वाटर वाडीज का विवरण इस पोर्टल पर दिए गए हैं। राजस्व विभाग के पोटर्ल bor.up.nic.in पर जिलों से प्राप्त वाटरबाडी के सम्बन्ध में अपलोड की गई सूचना से प्रत्येक जनपद के लिए 100 ऐसे वाटर बाडीज, जिनका क्षेत्रफल सबसे अधिक है, उनकी सूची भी इस जिलों को प्रेषित करते हुए कहा गया है कि हर जनपद में आजादी के 75 वें वर्ष के उपलक्ष्य में विकसित किये जाने वाले अमृत सरोवर का चयन उल्लिखित वेबसाइट में से ही यथासम्भव किया जाए।

शरद

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