गंगा घाटों पर स्नान और पूजा-पाठ के लिए महिलाओं ने की तैयारी
वाराणसी (हि.स.)। हरि प्रबोधिनी एकादशी चार नवम्बर शुक्रवार को है। चराचर जगत के स्वामी भगवान विष्णु अपनी चार मास की योग निद्रा पूर्ण कर जागेंगे। पर्व पर लोग गंगा स्नान के बाद दानपुण्य कर श्रीहरि की आराधना करेंगे।
घरों में श्रद्धालु महिलाएं गुरुवार को गंगा स्नान के साथ भगवान विष्णु की आराधना व्यवस्था में जुटी रहीं। हरि प्रबोधिनी एकादशी (देवउठनी एकादशी ) के दिन सनातनी माता तुलसी के विवाह का आयोजन भी करते हैं। पौराणिक मान्यता है कि इसी दिन से भगवान विष्णु सृष्टि का कार्यभार संभालते हैं और इसी दिन से सभी तरह के मांगलिक कार्य भी शुरू हो जाते हैं। हिंदू धर्म में एकादशी का बहुत अधिक महत्व होता है। लोगों में विश्वास है कि भगवान विष्णु को समर्पित एकादशी तिथि पर विधि- विधान से भगवान विष्णु की पूजा- अर्चना की जाती है। धार्मिक मान्यताएं हैं कि एकादशी व्रत रखने से भगवान विष्णु की विशेष कृपा प्राप्त होती है और मृत्यु के पश्चात मोक्ष की प्राप्ति होती है।
श्रीधर
