-सदर सीट पर हैट्रिक लगाने को बीजेपी के शीर्ष नेता चुनावी गुणा भाग में भी जुटे
हमीरपुर (हि.स.)। हमीरपुर विधानसभा की सदर सीट पर बीजेपी से प्रत्याशी घोषित न होने पर टिकट की दौड़ में आगे चल रहे तमाम दिग्गजों में मायूसी देखी जा रही है। हालांकि अबकी बार इस सीट पर हैट्रिक लगाने के लिए बीजेपी किसी नए चेहरे को प्रत्याशी बना सकती है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि आज शाम तक यहां की सीट के लिए पार्टी फैसला ले सकती है।
हमीरपुर सदर विधानसभा सीट मौजूदा में बीजेपी के कब्जे में है। यहां वर्ष 2012 में साध्वीं निरंजन ज्योति ने कई दशक बाद कमल खिलाया था। वह दो साल तक ही विधायक रहीं, फिर वह वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में फतेहपुर संसदीय क्षेत्र से सांसद चुनी गई। साध्वीं केन्द्रीय राज्यमंत्री बनाई गई। वर्ष 2014 में ही यहां उपचुनाव कराए गए जिसमें यह सीट एसपी के खाते में आई।
वर्ष 2017 में विधानसभा चुनाव में दलबदलू पूर्व सांसद अशोक सिंह चंदेल को बीजेपी ने उम्मीदवार बनाया था। जातीय समीकरण में अशोक सिंह चंदेल भारी मतों से विजयी हुए। ये दो साल ही विधायक रह सके। हाईकोर्ट से सामूहिक हत्याकांड के मामले में उम्रकैद की सजा होने पर बीजेपी विधायक को जेल जाना पड़ा। वर्ष 2019 में फिर से इस सीट के लिए उपचुनाव कराए गए। उपचुनाव में भी बीजेपी का दोबारा कमल खिला। अब तीसरी बार यहां की सीट पर कमल खिलाए जाने के लिए बीजेपी ने बड़ा मास्टर प्लान बनाया है। इसीलिए प्रत्याशियों के चयन को लेकर पार्टी के शीर्ष नेता अभी तक कोई फैसला नहीं कर पा रहे है।
एन वक्त पर एसपी छोड़ पूर्व मंत्री ने भी बीजेपी में ली एन्ट्री
सदर सीट को लेकर जहां प्रत्याशियों के चयन को लेकर पार्टी में घमासान मचा हुआ है वही एन वक्त पर पूर्व मंत्री शिवचरण प्रजापति ने भी अखिलेश यादव की साईकिल की सवारी छोड़कर बीजेपी में एन्ट्री ले ली है। उनके पार्टी में जाने से यहां बीजेपी के पदाधिकारी सकते में आ गए है। तीन दिन पहले पूर्व मंत्री के प्रोफेसर पुत्र डां.मनोज प्रजापति ने एसपी में बगावत कर बीजेपी की सदस्यता ली थी और उन्होंने सदर सीट से चुनाव लड़ने के लिए भी उठापटक शुरू कर दी है लेकिन पार्टी उन्हें प्रत्याशी बनाए जाने के मूड में नहीं है क्योंकि दलबदलू नेता पर दांव लगाने से पार्टी के लोग नाखुश हो सकते हैं। साथ ही पार्टी जनों की नाराजगी से चुनाव में झटका भी लग सकता है।
सदर सीट के लिए अब बीजेपी जल्द ले सकती है फैसला
पार्टी सूत्रों ने बताया कि दिल्ली में पिछले कई दिनों से संभावित प्रत्याशियों के नामों को लेकर लगातार मंथन चल रहा है। इस बीच उत्तर प्रदेश सरकार के दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री बाबूराम निषाद व केन्द्रीय राज्यमंत्री साध्वीं निरंजन ज्योति के करीबी व नगर पालिका चेयरमैन कुलदीप निषाद टिकट की दौड़ में अब बहुत पीछे हो रहे हैं। पार्टी के अंदर खाने में सिर्फ यहां के मौजूदा विधायक युवराज सिंह व राजीव शुक्ला समेत कुछ और नामों पर भी पार्टी गुणा भाग कर रही है। अबकी बार सदर सीट पर हैट्रिक लगाने के लिए बीजेपी मौजूदा विधायक राजीव शुक्ला पर दांव लगा सकती है। इन दोनों के जातीय समीकरण भी देखे जा रहे हैं। आज शाम तक फैसला भी हो सकता है।
पंकज/
