-संगीत और कला एक साधना भी है और भावना भी : आनंदीबेन पटेल
-उप्र: राजभवन में हुआ उ.प्र.संगीत नाटक अकादमी का सम्मान समारोह
-डा.पूर्णिमा, उस्ताद युगांतर, उर्मिला श्रीवास्तव, डा.चन्द्रप्रकाश, अनिल मिश्रा सहित 18 विभूतियों को दिया गया उ.प्र. संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार
-उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के बीच हुआ सांस्कृतिक अनुबंध
-आध्यात्मिक विकास के साथ हुआ संगीत एवं नाट्य कला का विकास : आनंदीबेन पटेल
लखनऊ (हि.स.)। उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि भारत की संस्कृति पर नजर डालें तो पता चलेगा कि संगीत,साहित्य,चित्रकला एवं नाट्य कला का विकास आध्यात्मिक विकास के साथ ही हुआ है। हमारी संस्कृति में विभिन्न परम्परा के लोग शामिल हैं। यह हमें एक साथ जोड़कर लोगों में प्रेम बांटना सिखाती है।
यह विचार मंगलवार को लखनऊ स्थित राजभवन के गांधी सभागार में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने उ.प्र. संगीत नाटक अकादमी के सम्मानों से 18 विद्वानों को अलंकृत करने के बाद लोगों को सम्बोधित करते हुए कहीं।
देश-प्रदेश की समृद्ध संस्कृति का उल्लेख करते हुए राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने अकादमी के कार्यों की प्रशंसा कीं और सम्मानित विभूतियों को बधाई देते हुए कहा कि यह सम्मान इन कलाकारों ने अपनी योग्यता के बल पर प्राप्त किया है। मुझे विश्वास है कि इन कलाकारों की योग्यताएं, युवा कलाकारों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेंगी।
संगीत और कला एक साधना भी है और भावना भी : आनंदी बेन पटेल
उन्होंने कहा कि संस्कृति बोध से मैं यह महसूस करती हूं कि संगीत और कला एक साधना भी है और भावना भी। जो व्यक्त में ऊर्जा और चेतना का संचार कर दे, वह ‘नाट्य’ है। जो चेतन में भाव और भावना भर दे और उसे संवेदना की पराकाष्ठा तक पहुंचा दे तो वह ‘संगीत’ है।
दोनों प्रदेश के बीच का अनुबंध सांस्कृतिक संबंधों को प्रगाढ़ बनाएगा
राज्यपाल ने अनेक राज्यों की लोक संस्कृति के प्रदेश में हुए आयोजनों का जिक्र करते हुए उम्मीद जाहिर कि की ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ के अंतर्गत आज उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के बीच एक दूसरे राज्य की अमूल्य सांस्कृतिक विरासत को जन-जन तक पहुंचाने के लिए किया गया यह समझौता सांस्कृतिक संबंधों को प्रगाढ़ बनाएगा।
उत्तर प्रदेश अभिनव संस्कृति वाला प्रदेश : जयवीर सिंह
इससे पहले उत्तर प्रदेश के संस्कृति व पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने अतिथियों व कलाकारों का स्वागत करते हुये कहा कि उत्तर प्रदेश अभिनव संस्कृति वाला प्रदेश है। उन्होंने कहा कि एक समझौता गुजरात मैत्री दिवस के अवसर पर भी हो चुका है। काशी में हुए तमिल समागम की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि एक दूसरे की सीमा से जुड़े उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश दोनों राज्यों की संस्कृतियों के बीच पहले से ही गहरे सम्बंध रहे हैं।
अगर मध्यप्रदेश देश का हृदय प्रदेश है तो उत्तर प्रदेश देश की आत्मा : उषा ठाकुर
मध्य प्रदेश की संस्कृति और पर्यटन मंत्री उषा ठाकुर ने दोनों राज्यों की संस्कृति और आत्मिक रिश्तों का हवाला देते हुये कहा कि मध्यप्रदेश अगर देश का हृदय प्रदेश है तो उत्तर प्रदेश देश की आत्मा है। इस अवसर पर प्रमुख सचिव संस्कृति व पर्यटन मुकेशकुमार मेश्राम और मध्यप्रदेश के प्रमुख सचिव शिवशेखर शुक्ल ने समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किये।
समारोह में राज्यपाल ने ताम्रपत्र और अंगवस्त्र देकर कथक गुरु डा.पूर्णिमा पाण्डे, उपशास्त्रीय व सुगम संगीत गायक युगांतर सिंदूर, रंगमंच समीक्षा के लिए कुंवरजी अग्रवाल की जगह उनके पुत्र को और लोकगायन के लिए उर्मिला श्रीवास्तव को अकादमी की रत्न सदस्यता से अलंकृत किया। उन्होंने बीएम शाह पुरस्कार निर्माता निर्देशक व अभिनेता डा.चन्द्रप्रकाश द्विवेदी को और सफदर हाशमी पुरस्कार मुम्बई के विपुलकृष्ण नागर को प्रदान किया।
इस अवसर पर राज्यपाल ने अकादमी पुरस्कार से वाराणसी के महंत प्रो.विशम्भरनाथ मिश्र व डा.अनन्त नारायण सिंह को संयुक्त रूप से संगीत कला उन्नयन, बरेली के डा.बृजेश्वर सिंह को नाट्य कला उन्नयन, गोरखपुर के डा.शरदमणि त्रिपाठी को शास्त्रीय गायन, गौतमबुद्धनगर के ब्रह्मपाल नागर को रागिनी लोकगायन, लखनऊ के पं.रामेश्वर प्रसाद मिश्र को शास्त्रीय गायन, वाराणसी के युवा नर्तक विशाल कृष्णा को कथक नृत्य, महोबा के भूरा यादव राकेश को राई लोकनृत्य, लखनऊ के रंगकर्मी अनिल मिश्रा गुरुजी को नाट्य निर्देशन, वाराणसी के रंगकर्मी अष्टभुजा मिश्र को नौटंकी अभिनय व निर्देशन, वाराणसी के पं.विनोद लेले को तबला वादन और शहनाई वादन के लिए वाराणसी के ही फतेह अली खां की उनुपस्थिति में उनके भाई को सम्मानित किया।
इस अवसर पर विशेष सचिव, संस्कृति, अमरनाथ उपाध्याय, अकादमी के निदेशक तरुण राज, पदमश्री विद्याविंदु सिंह, पद्मश्री मालिनी अवस्थी, फिल्म अभिनेता डॉ..अनिल रस्तोगी, अन्य अनेक अकादमी पुरस्कार विजेता, गणमान्य अतिथि और नागरिक उपस्थित थे।
शैलेंद्र/राजेश
