कानपुर(हि.स.)। बिल्हौर थाने की पुलिस ने 22 सितम्बर को रसूलपुर गांव में सुबह चाचा को गोली मारकर भागने वाले आरोपित को शनिवार सुबह महज 48 घंटे अन्दर ही लालापुर क्राॅसिंग के पास से गिरफ्तार किया। आरोपित युवक ने अपने चाचा के व्यवहार से नाराज होकर गोली मारी थी। इसकी गिरफ्तारी के लिए तीन टीमें गठित की गई थी। पुलिस ने जानलेवा हमले में प्रयुक्त असलहा और कारतूस बरामद किया। उसके खिलाफ विधिक कार्रवाई करते हुए जेल भेजेगी।
पुलिस अधीक्षक कानपुर आउटर तेज स्वरूप सिंह ने बताया कि गिरफ्तार आरोपित बिल्हौर के रसूलपुर गांव निवासी प्रताप उर्फ गुड्डू पुत्र स्वर्गीय महिपाल उर्फ चौधरी है। उसके खिलाफ बिल्हौर थाने में हत्या करने के इरादे से गोली मारने का मुकदमा पंजीकृत किया गया था। पुलिस टीम ने उसके कब्जे से जानलेवा हमले में प्रयुक्त तमंचा और कारतूस बरामद किया है।
पूछताछ के दौरान आरोपित युवक ने बताया कि वह अपने चचेरे चाचा ललौनी उर्फ सुनील सिंह के आपराधिक चरित्र से बहुत परेशान हो चुका था। उसने बताया कि उसके चाचा ललौनी उर्फ सुनील सिंह ने तिर्वा में बच्चे को अगवा कर हत्या कर दी थी। जिसमें उसे आजीवन कारावास की सजा हुई है। हालांकि हत्या मामले में ललौनी उर्फ सुनील सिंह 15 अगस्त 2022 को जमानत पर रिहा हुआ, लेकिन आरोपित ने नाराजगी व्यक्त करते हुए घर आने से चाचा ललौनी को मना किया था। इसके बावजूद वह घर में आकर रहने लगा। इससे नाराज होकर उसने 22 सितम्बर की सुबह घर के सामने सुनील सिंह को गोली मार दी और फरार हो गया। हालांकि अब गिरफ्तारी के बाद विधिक कार्रवाई करते हुए प्रताप उर्फ गुड्डू को जेल भेजा रहा है।
राम बहादुर
