Sunday, March 29, 2026
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हथिनी कुंड और दिल्ली से छोड़े गए पानी से यूपी के मथुरा में यमुना का जलस्तर बढ़ा

– लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के कार्य में जुटी नगर निगम की टीमें

मथुरा(हि.स.)। हरियाणा के हथिनी कुंड और दिल्ली के ओखला वैराज से यमुना में छोड़े गए पानी का असर अब मथुरा में दिखाई दे रहा है, निरंतर यमुना के जलस्तर में बढ़ोतरी के कारण प्रशासन अलर्ट मोड़ पर आ गया है। बुधवार निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने का कार्य नगर निगम के कर्मचारी निरंतर कर रहे है। जिला प्रशासन के अनुसार बाढ़ चौकियां बना दी गई हैं। एसडीएम और थाना पुलिस से बाढ़ की स्थिति पर नजर रखने के लिए कहा गया है।

पहाड़ों और मैदानी इलाकों में हो रही बारिश और हथिनी कुंड से छोड़े जा रहे जल के कारण घाटों से दूर हो चुकी यमुना अब घाटों को छू रही है। यमुना में जल बढ़ने से पर्यटक और नाविकों के चेहरे पर खुशी देखने को मिली। वृंदावन के केशी घाट पर जहां कुछ पर्यटक सेल्फी लेते नजर आए तो कुछ स्टीमर से यमुना में घूमने लगे।

घाट किनारे खड़े नाविक गुलाब निषाद ने बताया कि यमुना में जल स्तर बढ़ने से उनके रोजगार में इजाफा हुआ है। श्रद्धालु अब वोटिंग का आनंद ले रहे हैं। इतना जल यमुना में हर समय रहना चाहिए। जिससे मथुरा वृंदावन का धार्मिक महत्व के साथ साथ श्रद्धालुओं की भी संख्या में बढ़ोतरी होगी।

यमुना के जल में लगातार हो रही बढ़ोतरी के कारण बाढ़ चौकियां को अलर्ट कर दिया गया है। मथुरा जिले में 40 बाढ़ चौकी बनाई गई है। बाढ़ नियंत्रण कक्ष के मुताबिक हथिनी कुंड से 2 लाख 44 हजार 287 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। जबकि ओखला वैराज से 77 हजार 251 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। यमुना मथुरा में अभी 163.97 मीटर पर बह रही है जो कि खतरे के निशान से 2.3 मीटर नीचे है। यमुना में बढ़ते जलस्तर को देखते हुए मथुरा वृंदावन नगर निगम भी सक्रिय हो गया है। नगर निगम ने यमुना किनारे निचले इलाकों के निवासियों को सुरक्षित रहने और यमुना में न जाने की सलाह देते हुए मुनादी कराई।

अपर आयुक्त क्रांति शेखर सिंह ने बताया कि यमुना में बढ़ते जलस्तर पर नजर बनी हुई है, नगर निगम पूरी तरह तैयार है। अगर बाढ़ जैसे हालात बनते हैं तो निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भिजवाया जायेगा।

बुधवार को यमुना में जलस्तर में हो रही बढ़ोतरी को देखते हुए एसडीएम सदर अजय जैन ने रिफाइनरी क्षेत्र के कोयला घाट का निरीक्षण किया। यहां उन्होंने यमुना की स्थिति को देखा और ग्रामीणों से बात की। एसडीएम के साथ लेखपाल,वार्ड पार्षद राकेश यादव भी मौजूद रहे।

महेश/मोहित/पदुम नारायण

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