नई दिल्ली(हि.स.)। सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) में अधिकारियों के रूप में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी न केवल राष्ट्र के लिए गौरव की बात है , बल्कि उन कई लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत भी है जो सशस्त्र बलों को अपने भविष्य के रूप में चुनना चाहते हैं । यह हर क्षेत्र में महिलाओं को समान दर्जा देने की दिशा में भी एक कदम है।
बीएसएफ के प्रवक्ता कृष्णा राव ने बुधवार को रितु, बीएसएफ की प्रशिक्षु अधिकारी ने सहायक कमांडेंट (डायरेक्ट एंट्री) कोर्स क्रमांक 45 के लिए बुनियादी प्रशिक्षण के दौरान समग्र ‘प्रथम’ स्थान हासिल करके महिलाओं की ताकत और शक्ति का प्रदर्शन किया है। बुधवार को बीएसएफ अकादमी, टेकनपुर में आयोजित पासिंग आउट समारोह में उन्हें “स्वॉर्ड ऑफ ऑनर” से सम्मानित किया गया है।
पिछले बैचों के दौरान भी महिला अधिकारियों ने प्रशिक्षण में और कार्यक्षेत्र में अपनी योग्यता साबित की है। यह महिला अधिकारी अन्य युवा महिलाओं को देश की सेवा करने और अपने पुरुष समकक्षों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े होने के लिए सशस्त्र बलों में शामिल होने के लिए बहुत प्रोत्साहन देती है।
रितु असिस्टेंट कमाडेंट, कंप्यूटर विज्ञान में बी.एससी हैं और रोहतक, हरियाणा की रहने वाली है। उन्होंने आर्मी स्कूल देहरादून सहित विभिन्न स्कूलों से पढ़ाई की है। उनके पिता भारतीय सेना में थे और कश्मीर में सेवा करते हुए शहीद हो गए थे। उन्होंने बचपन से ही वर्दीधारी सेवाओं में शामिल होकर राष्ट्र की सेवा करने का सपना देखा था।
