Tuesday, January 13, 2026
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स्वास्थय : कोरोना का कारगर इलाज है, घबराने की लेशमात्र जरूरत नहीं: डॉ राजेश

ओम प्रकाश
कोलकाता (हि.स.)। देशभर में कोरोना संकट को लेकर हाहाकार मचा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस महामारी को लेकर लोगों में डर और दहशत है। इसी कारण लोग जांच नहीं करा रहे हैं और संक्रमण होने पर घबराहट में हार्ट अटैक से अधिकतर लोगों की मौत हो जा रही है। इसके लिए देश में नकारात्मक मीडिया रिपोर्टिंग भी एक बड़ा कारण है। 
उन्होंने साफ-साफ कहा कि कोरोना महामारी को लेकर लेशमात्र भी घबराने की जरूरत नहीं है। इसका इलाज लोगों को मिल रहा है। उन्होंने बताया कि 95 फ़ीसदी लोग घर पर ही चिकित्सकीय सलाह के मुताबिक दवा खाकर स्वस्थ हो रहे हैं। पांच फ़ीसदी वे लोग गंभीर हैं, जो पहले से गंभीर बीमारियों से ग्रसित हैं और कोमोरबिडिटी की वजह से उन्हें अस्पताल आदि में भर्ती करने की जरूरत पड़ती है। उनमें भी अधिकतर लोग स्वस्थ हो जा रहे हैं। बहुत कम लोगों की मौत होती है। उन्होंने बताया कि महामारी के लक्षण नजर आने पर बिना देरी किए जांच कराकर संक्रमण की पुष्टि जरूर कर ले और दवा लेने से कोरोना से बचाव की संभावना प्रबल होती है।

 शारीरिक दूरी जरूरी पर सामाजिक बहिष्कार अपराध

डॉ. राजेश ने कहा कि भारत की सभ्यता और संस्कृति सभी को साथ लेकर चलने वाली है। मुसीबत के समय में हम अपने पड़ोसियों के लिए मजबूत संबल बनकर खड़े हो सकते हैं। कोविड-19 से संक्रमित लोगों के सामाजिक बहिष्कार की आलोचना करते हुए डॉक्टर ने कहा कि यह एक सामाजिक अपराध की तरह है। ऐसा होना नहीं चाहिए। संक्रमित व्यक्ति या परिवार से शारीरिक दूरी जरूरी है लेकिन उनसे नैतिक दूरी नहीं बनाई जानी चाहिए। भले ही हम उनके करीब ना जाएं पर उनकी हर तरह से मदद कर सकते हैं। यह इंसानियत का तकाजा और वक्त की जरूरत है। 

बचाव का सबसे कारगर उपाय सावधानी राजेश कुमार ने कहा कि कोविड-19 महामारी संक्रामक है और इससे बचने का सबसे बेहतर उपाय है सावधानी बरतना। उन्होंने कहा कि कोरोना से बचाव के लिए मास्क, गल्ब्स पहनना और शारीरिक दूरी बेहद जरूरी है। उन्होंने बताया कि परिवार का कोई व्यक्ति संक्रमित होता तो प्रोटोकॉल का पालन करते हुए उन्हें खाना पानी दिया जा सकता है। संक्रमित व्यक्ति द्वारा इस्तेमाल होने वाले बर्तन को गर्म पानी से धोने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि अगर परिवार में कोई संक्रमित होता है तो घबराने की बिल्कुल जरूरत नहीं है बल्कि बचाव उपायों को अपनाते हुए इस महामारी को चुटकी में मात दी जा सकती है। राकेश कुमार ने जोर देकर कहा कि कोरोना के लक्षण नजर आते हैं तो बिना देरी किए चिकित्सकीय सलाह लीजिए और डॉक्टर की दी हुई दवाई का इस्तेमाल करिए। आप महामारी से जंग जीत जाएंगे।

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