Saturday, February 14, 2026
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स्पाइस जेट सात माह में 66 बार कैंसिल की उड़ान, अब 31 मार्च तक बंद

-कुशीनगर के पर्यटन विकास का सपना चूर

कुशीनगर(हि.स.)। अन्तर-राष्ट्रीय एयरपोर्ट से दिल्ली उड़ान भर रही विमानन सेवा प्रदाता कम्पनी स्पाइस जेट की सेवा का यह हाल है कि कम्पनी ने सात माह में कुल 66 बार उड़ान कैंसिल की और अब 31 मार्च तक के लिए सेवा बंद कर दी है। ऐसा भी नहीं है कि विमानन कम्पनी को यात्री न मिल रहे हों। 78 सीट के सापेक्ष औसत 68 यात्री मिलने और उड़ान योजना से आच्छादित होने के कारण भारत सरकार से खाली सीटों पर किराया लेने के बावजूद उड़ान बंद करने से लोगों में रोष है।

वर्ष 2021 में 20 अक्तूबर को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कुशीनगर अन्तर-राष्ट्रीय एयरपोर्ट से उड़ान सेवा का शुभारंभ किया तो बौद्ध सर्किट के देशों समेत पूर्वी यूपी और बिहार के पश्चिम हिस्से के जिलों में रहने वाले हजारों नागरिकों के चेहरों पर खुशी तैर गई। लगा कि अब बुद्ध की महापरिनिर्वाण स्थली का इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट तेजी से होगी पर्यटन सेक्टर ग्रोथ कर बोधगया के समतुल्य हो जायेगा। किंतु विमानन कम्पनी स्पाइस जेट ने 31 मार्च तक सेवा बंद रखने की घोषणा कर लोगों की बची खुशी आशा पर भी पानी फेर दिया है। केंद्र सरकार की उड़ान योजना के तहत मिल रही सब्सिडी के बाद भी कम्पनी ने मुंबई और कोलकाता की उड़ान शुरू की ही नहीं, एक मात्र दिल्ली की उड़ान से भी मुंह फेर लिया।

केंद्र व प्रदेश सरकार ने देश के दूरस्थ क्षेत्रों में एयर कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिये क्षेत्रीय कनेक्टिविटी योजना ‘उड़े देश का आम नागरिक’ के तहत द्वितीय विश्व युद्ध में निर्मित तत्कालीन एयरस्ट्रिप का विकास कर अन्तर-राष्ट्रीय एयरपोर्ट का स्वरूप दिया था। 600 करोड़ का बजट खर्च करने के बाद अन्तर-राष्ट्रीय एयरपोर्ट अस्तित्व में आया। प्रतिमाह में दो करोड़ रुपये से अधिक रकम मेंटीनेंस एवम् वेतन के मद में खर्च हो रही है।

इसकी परवाह न करते हुए और यात्री मिलने के बावजूद कम्पनी ने एकाएक उड़ान सेवा पहले 30 दिसंबर तक पुनः 31 मार्च तक स्थगित रखने की घोषणा कर दी। प्रकरण से एयरपोर्ट अथॉरिटी आफ इंडिया पल्ला झाड़ रही है और दोष विमानन कम्पनी पर मढ़ रही है। ऐसे में एयरपोर्ट के भविष्य और सरकार की नीयत पर लोग सवाल खड़े कर रहे हैं। एयरपोर्ट निदेशक राजेंद्र प्रसाद लंका ने बताया कि मुख्यालय को कंपनी की मनमानी से अवगत करा दिया गया है।

गोपाल/राजेश

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