लखनऊ(हि.स.)। उत्तर प्रदेश में विकास की बात निकलती है तो वाराणसी का नाम अपने आप ही चर्चा में आ जाता हैं। बीते दिनों उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक के अपर मुख्य सचिव को पत्र लिखे जाने के बाद स्थानान्तरण में खेल का मामला उजागर हुआ था और इस खेल में वाराणसी भी अछूता नहीं रह सका।
जनपद वाराणसी में 25 वर्ष से ज्यादा वक्त से एक ही स्थान पर जमे हुए चीफ फार्मासिस्ट, फार्मासिस्ट को स्थानान्तरण की सूची में नहीं देखने के बाद राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने पत्र के माध्यम से अपनी बातों को रखते हुए वाराणसी के गड़बड़ियों के बारे में पूरी बात लिखी है।
वाराणसी में लम्बे समय से जमे फार्मासिस्टों के न हटने और वहीं ईसीजी टेक्नीशियन राजेश के हटाये जाने के विषय को परिषद ने मुख्यमंत्री तक पहुंचाने की कोशिश की है। छह वर्षों से वाराणसी में कार्यरत रहे राजेश का स्थानान्तरण विंध्याचल मंडल में कर दिया गया।
वाराणसी में जो हुआ, उससे कर्मचारियों में निराशा है तो प्रयागराज, महाराजगंज, कुशीनगर, लखीमपुर खीरी में पिक एंड चूक के आधार पर कर्मचारियों की कुर्सियां बदली गईं। कर्मचारियों का आरोप है कि इन चारों जनपदों में स्थानान्तरण नीति को दरकिनार कर दिया गया है। इस बावत उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक को सम्पूर्ण जानकारी दी गई है।
शरद
