हमीरपुर (हि.स.)। कृषि विज्ञान केंद्र, कुरारा के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष डॉ. मो. मुस्तफा के निर्देशन पर विश्व स्तनपान सप्ताह कार्यक्रम में ग्रामीण महिलाओं को ब्लॉक कुरारा के बरूवा गांव में जगरुक किया गया। जिसका मुख्य उद्देश्य कुपोषण से निजात दिलाना और बच्चों का शरीरिक एवम मानसिक विकास को बढ़ाना।
डा. फूल कुमारी ने बताया कि नवजात शिशु के बेहतर विकास एवं स्वास्थ्य के लिए माँ का दूध सर्वाेत्तम आहार है। क्योंकि माँ के दूध में सभी पोषक तत्व, एंटी बडीज, प्रतिरोधक कारक और एंटी आक्सिडेंट मौजूद होते हैं जो बच्चों को रोगों से लड़ने की क्षमता का विकास करता है। साथ ही उन्होंने शिशुओ को जन्म से छह माह तक सिर्फ माँ का दूध पिलाने के लिए महिलाओं को प्रोत्साहित किया।
बताया कि स्तन पान कराने से मां और बच्चे दोनों कई बीमारियों से सुरक्षा होती है। मां के दूध में लैक्टफॉर्मिंन नामक तत्व होता है जो बच्चे की आंत में लौह तत्व को बांध लेता है जिससे बच्चे की आंत में रोगाणु पनप नहीं पाते है। जिन बच्चों को माँ का दूध नहीं मिल पाता उनके बुद्धि का विकास अपेक्षा कृत कम होता है। माँ का प्रथम दूध यानी कोलोस्ट्रंम में सभी पोषक तत्व मौजूद होते हैं। शिशु को सही मात्रा में सही समय पर माँ का दूध न मिल पाना भी कुपोषण की समस्या का बहुत बड़ा कारण है।
कृषि वैज्ञानिक डा. एसपी सोनकर ने ग्रामीण महिलाओं को बताया कि नवजात शिशु के बेहतर विकास एवं स्वास्थ्य के लिए माँ का दूध जीवन रक्षक है। बच्चों की देख भाल करना माँ पर निर्भर करता है। क्योंकि बच्चों की प्रथम पाठशाला मां ही होती है। यही शिशु आगे चलकर देश के भविष्य होगें। इस कार्यक्रम में सीमा, पूनम, सुधा,कृष्णा सहित 26 महिलाऐं उपस्थित रही।
