लखनऊ(हि.स.)। दिल का दौरा और स्ट्रोक के लिए नई दवा जल्द बाजार में उपलब्ध होगी। सीएसआईआर-सीडीआरआई, लखनऊ ने उत्तर प्रदेश में फार्मा क्लस्टर के विकास को प्रोत्साहित करने के लिए यूपी स्थित मार्क लेबोरेटरीज प्राइवेट लिमिटेड के साथ करार किया है।
मार्क लेबोरेटरीज लिमिटेड,उत्तर प्रदेश सहित भारत के 13 अन्य राज्यों में संचालित फार्म कंपनी है जिसने इससे पहले सीडीआरआई के साथ रक्त के थक्के जमने की प्रक्रिया के नियंत्रक (मोडुलेटर) के रूप में सिंथेटिक यौगिक एस007-867के विकास के लिए समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। शुक्रवार को उसके निर्माण की तकनीक भी हस्तांतरित कर दी गई है।
यह यौगिक एस007-867,कोरोनरी और सेरेब्रल धमनी रोगों के इलाज में विशेष रूप से कोलेजन प्रेरित प्लेटलेट एकत्रीकरण के अवरोधक के रूप में बेहद कारगर है। संस्थान ने हाल ही में दवा के लिए प्रथम चरण के नैदानिक परीक्षण शुरू करने की अनुमति प्राप्त की है।
कोरोनरी और सेरेब्रल धमनी रोगों के लिए वर्तमान में मौजूद अन्य उपचारों की तुलना में इस दवा में रक्तस्राव का जोखिम बेहद कम है। जंतुओं पर किए प्रयोगों में, इस नवीन औषधीय यौगिक ने न्यूनतम रक्तस्राव के साथ देखभाल के प्रचलित मानकों की तुलना में बेहतर एंटीथ्रॉम्बोटिक गुण प्रदर्शित किये हैं । संस्थान ने हाल ही में इस दवा के लिए प्रथम चरण के नैदानिक परीक्षण शुरू करने की अनुमति भी प्राप्त कर ली है।
इस अवसर पर सीडीआरआई के निदेशक प्रो. तपस कुमार कुंडू, ने कहा, “यह देश के प्रमुख औषधि अनुसंधान संस्थान, सीएसआईआर-सीडीआरआई के लिए एक महत्वपूर्ण क्षण है। इस नवीन औषधीय यौगिक के संश्लेषण की प्रौद्योगिकी को सफलतापूर्वक मार्कलेबोरेटरीज लिमिटेड को हस्तांतरित किया गया है।
कहा कि उन्हें आशा है कि मानवसेवा के लिए यह यौगिक शीघ्र ही बाजार में पहुंच जाएगा। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि यह उत्तर प्रदेश में फार्मा क्लस्टर के विकास के लिए बहुत फायदेमंद होगी और देश में मेड इन इंडिया और स्वदेशी सस्ती दवा के निर्माण के लिए नए रास्ते खोलेगी।
बृजनन्दन
