Friday, February 13, 2026
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सेना का कैप्टन बन ठगी करने वाला शातिर राजवीर एसटीएफ के हत्थे चढ़ा

-सेना भर्ती में नाकामी मिलने पर बना ठग
-झांसे में रख युवती से की शादी, पत्नी ने लोहता थाने में दर्ज कराया था मुकदमा

वाराणसी (हि.स.)। फर्जी आर्मी कैप्टन और डिप्टी एसपी बनकर लोगों के साथ ठगी करने वाला शातिर राजवीर सिंह उर्फ आनन्द कुमार स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) के हत्थे चढ़ गया। आरोपित के पास से एसटीएफ की वाराणसी इकाई ने दो मोबाइल, 03 सेना में भर्ती का फर्जी एडमिट कार्ड मय लिफाफा,फर्जी डीएल,आर्मी कैप्टन की वर्दी, कैप्टन की वर्दी में खिचवाया गया फोटो,फर्जी तरीके से डिप्टी एसपी के पद पर चयन की पेपर कटिंग,आर्मी का लोगो आदि भी बरामद कर लिया। 
एसटीएफ के सीओ विनोद कुमार सिंह ने मंगलवार को बताया कि विगत कुछ दिनों से वाराणसी़ एवं इसके आस-पास के जनपदों में सेना में भर्ती करानेे के नाम पर एक गिरोह के सक्रिय होने की इनपुट ‘मिलिट्री इन्टेलीजेन्स’ (एमआई) वाराणसी को मिला था। ‘मिलिट्री इन्टेलीजेन्स’ ने इस सम्बन्ध में एसटीएफ फील्ड इकाई, वाराणसी को अभिसूचना संकलन एवं कार्यवाही के लिए निर्देश दिया। एसटीएफ टीम छानबीन में जुट गई। 
सीओ ने बताया कि अभिसूचना संकलन के दौरान ज्ञात हुआ कि शिवपुर कोट वाराणसी निवासी राजवीर सिंह उर्फ आनन्द कुमार नाम का व्यक्ति है, जो अपने को सेना का फर्जी कैप्टन बताकर सेना में भर्ती कराने और आर्मी कैण्टीन से सामान निकलवाने के नाम पर ठगी करता है। वह ओएलएक्स के माध्यम से सामान बेचने के बहाने भी लोगों को ठगता है। विश्वास दिलाने के लिए वह आर्मी की वर्दी पहन कर कैप्टन के रूप में अपनी जान पहचान बढ़ाता है। पुलिस टीम उसकी तलाश में जुटी हुई थी। इसी दौरान दोपहर में सूचना मिली कि राजवीर सिंह छावनी क्षेत्र में सेण्ट मेरी स्कूल के पास खड़ा है। उसने कुछ लड़कों को आर्मी में भर्ती के नाम पर बुलाया है। इस जानकारी पर एसटीएफ के स्थानीय निरीक्षक अनिल सिंह के नेतृत्व में टीम ने तत्काल घेराबंदी कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। 

गिरफ्तार ठग राजवीर सिंह उर्फ आनन्द ने पुलिस टीम को पूछताछ में बताया कि वह एलएलबी तृतीय सेमेस्टर का छात्र है। वर्ष 2008 में उसने सेना में सिपाही की भर्ती के लिये प्रयास किया था। लेकिन, सफल नहीं हुआ था। इसके बाद उसने बेरोजगार युवकों को सेना में भर्ती कराने के नाम पर ठगी करने की योजना बनायी। योजना के मुताबिक पहले उसनेे वर्दी बनवायी। इसके बाद उसने आस-पास के लोगों को विश्वास दिलाया कि वह सेना में कैप्टन है। इसी दौरान राजवीर सिंह का भिटारी लोहता निवासी अमरनाथ यादव से मुलाकात हुई। राजवीर ने अपने को कैप्टन बताते हुये सेना में भर्ती कराने की बात कही। 
आरोपित ने बताया कि अमरनाथ यादव एवं अभ्यर्थियों को विश्वास दिलाने के लिये वह कैप्टन की वर्दी पहन कर अमरनाथ यादव के घर पर भी गया। यहां सेना में भर्ती के नाम पर 07 लोगों से कुल 14 लाख रुपये ठगी कर लिये। इसी अंदाज मेंं उसने सुधाकर वर्मा, रजनीश और दिव्या से दस लाख रुपये सेना में भर्ती के नाम पर लिये। राजवीर सिंह ने अजय कुमार से डेढ लाख रुपये मिलिट्री कैण्टीन से सामान निकालने के नाम पर भी ठग लिया। बाद में आरोपित की पत्नी एवं आस-पास के लोगों को भी इसके कैप्टन होने का संदेह होने लगा। 
इसी दौरान वर्ष-2020 में पीसीएस-2017 का परिणाम आया था, जिसमें वाराणसी के लंका निवासी आनन्द कुमार की 62वीं रैंक आयी थी और उनका चयन डिप्टी एसपी के पद पर हुआ था। इसकी जानकारी होने पर राजवीर सिंह उर्फ आनन्द कुमार ने अपने नाम का फायदा उठाकर समाचार पत्र के कार्यालय में जाकर अपना फोटो व पता देकर समाचार छपवाया कि उसकी डिप्टी एसपी के पद पर नियुक्ति हुई है। इसके बाद वह आर्मी कैप्टन एवं डिप्टी एसपी के रूप में ठगी करने का प्रयास करने लगा।
राजवीर ने पुलिस टीम को बताया कि वर्ष-2015 में उसने ओएलएक्स ऐप पर सेना का ‘लोगो’ लगाकर अपनी आईडी बनायी थी और अपने एक मोबाइल फोन को बेचने के लिये ओएलएक्स पर डाला था। इस मोबाइल फोन को खरीदने के लिये एक लड़की ने सम्पर्क किया। इस पर राजवीर ने उसे सिगरा स्थित बाटा शू के शोरूम पर बुलाया। वहां कैप्टन के वर्दी में उस लड़की से मिला और अपनी नियुक्ति 39 जीटीसी कैण्टोमेण्ट वाराणसी में बताई। 
लड़की को ठग ने बताया कि वह मूल निवासी हैदराबाद का है। इसके बाद दोनों में जान पहचान हुई और बाद में राजवीर सिंह ने धोखे में रखकर उससे शादी भी कर ली। इस धोखे की बात संज्ञान में आने पर पत्नी ने थाना लोहता में मुकदमा पंजीकृत कराया था। 

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