लखनऊ। एक्टिविस्ट डॉ. नूतन ठाकुर ने मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय ललितपुर में चालक पद पर नियुक्त राजकुमार दुबे के विगत 06 सितम्बर की रात अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या के बाद उनके वायरल वीडियो के आधार पर एफआईआर दर्ज किये जाने की मांग की है।
अपर मुख्य सचिव गृह, पुलिस महानिदेशक तथा अन्य अफसरों को भेजी अपनी शिकायत में नूतन ने कहा कि राजकुमार दुबे ने आत्महत्या के पूर्व एक वीडियो बनाया, जिसमें उन्होंने कई लोगों पर उन्हें फर्जी सेक्स स्कैंडल में फंसाने तथा ललितपुर निवासी श्रम एवं सेवायोजन राज्यमंत्री मन्नू कोरी द्वारा उनसे इससे बचाने के लिए 20 लाख रुपये लेने के बाद भी नहीं बचाने जैसे गंभीर आरोप लगाए।
नूतन के अनुसार राजकुमार दुबे का यह वीडियो सामने आने के बाद ललितपुर के जिलाधिकारी ने इस संबंध में मजिस्टीरियल जांच के आदेश दिए हैं। लेकिन, यह पर्याप्त नहीं है। जब पुलिस द्वारा उनका पोस्टमोर्टेम कराया गया है तथा यह वीडियो सामने आ गया है तो इस मामले में एफआईआर दर्ज किया जाना आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि मात्र प्रदेश सरकार के एक मंत्री का नाम इस वीडियो में आ जाने पर एफआईआर दर्ज नहीं किया जाना गलत है। इसलिए या तो परिवार की ओर से प्रार्थनापत्र लेकर एफआईआर दर्ज किया जाये अथवा उनके प्रार्थनापत्र पर ही एफआईआर दर्ज कर उसकी विवेचना की जाए।
