Friday, April 3, 2026
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 सुभासपा अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर के सपा कार्यालय में प्रवेश पर प्रतिबंध , सियासी चर्चा तेज

– भाजपा प्रवक्ता ने राजभर पर प्रतिबंध लगाने वाले होर्डिंग को लेकर कहा, लोकतंत्र के लिए यह अच्छा संदेश नहीं

लखनऊ (हि.स.)। समाजवादी पार्टी (सपा) प्रदेश कार्यालय के बाहर लगाई गई एक होर्डिंग मंगलवार को चर्चा का विषय बन गई है। यहां सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर के सपा कार्यालय आने पर प्रतिबंध लगाने का होर्डिंग लगाया गया है। इस होर्डिंग को लेकर सुभासपा ने दलित, अति पिछड़ों, वंचितों का हक न देने वाला बताया है। वहीं भाजपा ने इसे सियासी और लोकतंत्र के लिहाज से अच्छा संदेश नहीं करार दिया है।

सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर के लिए सपा कार्यालय के बाहर एक होर्डिंग लगाया गया है। जिसमें लिखा है कि, ‘ओमप्रकाश राजभर का समाजवादी पार्टी (सपा) कार्यालय पर आना प्रतिबंधित है।’ यह होर्डिंग समाजवादी युवजन सभा के पूर्व सचिव आशुतोष सिंह की ओर से लगाया गया है। इस होर्डिंग को लेकर एक बात तो साफ हो गई है कि विधानसभा चुनाव 2022 में गठबंधन कर चुनाव लड़ने वाली सपा व सुभासपा दलों के सियासी राहें बदल गई हैं। इसमें सत्ता दल भाजपा से ओमप्रकाश राजभर की बढ़ती नजदीकियां सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव को इन दिनों रास नहीं आ रही है। इसको लेकर ही उनकी पार्टी के पदाधिकारी द्वारा होर्डिंगवार किया गया है।

सपा के होर्डिंगवार पर सुभासपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता अरुण राजभर ने पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी की प्रदेश में चार बार सरकार रही, तब मुस्लिमों को कितना हिस्सेदारी दिया। उत्तर प्रदेश में 38 प्रतिशत अति पिछड़ों लोग हैं। इनमें पाल, प्रजापति, राजभर, बंजरा, केवट, नाई, माली, बहलिया हो, इनको सपा ने कितना आरक्षण दिया है। अब सभी वर्ग के लोग इनसे नफरत कर रहे हैं, ये सभी इनके कार्यालय में झांकने को तैयार नहीं है। इसलिए बैचेन होकर ये लोग इस तरह के होर्डिंग लगा कर जनता को गुमराह करने का काम कर रहे हैं। यह अराजकता का प्रमाण है। ये हमेशा से गुंडागर्दी, थानों में दलाली करने वाले लोग थे। ये अति पिछड़ों की जमीन पर होर्डिंग लगाकर कब्जा करने वाले लोग थे। जो जमीन लूटने वाले थे आज वह लोग सपा कार्यालय में होर्डिंग लगाकर यह संदेश दे रहे हैं कि हम अराजकता वाले हैं, हम गुंडागर्दी वाले हैं, हम पिछड़े, दलित, आदिवासियों को हिस्सेदारी नहीं देने वाले हैं। ये वंचितों के साथ अन्याय करने वाले लोग हैं। इसीलिए मुसलमान, दलित, पिछड़े, वंचित वर्ग अब समाजवादी पार्टी के साथ जाने वाले नहीं है। इसको लेकर ये लोग बौखला गए हैं। जनता आने वाले समय में उनको समाप्तवादी बनाकर छोड़ेगी।

भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता मनीष शुक्ला ने देश में लोकतंत्र है और संविधान है। सबको बोलने का अधिकार है। लोकतंत्र में सबसे बड़ी खूबसूरती आपस में संवाद होना। मत भिन्नता हो सकती है। तमाम ऐसे आतंकी संगठनों को हमने देखा था कि किसी व्यक्ति से मतभिन्नता होने पर उस पर प्रतिबंध लगाना, गर्दन काट लेने की धमकी देना लेकिन समाजवादी पार्टी एक ऐसा दल है कि एक व्यक्ति पर ऐसा प्रतिबंध लगा रहा है कि हमारे कार्यालय में नहीं आ सकते। निश्चित रूप से लोहिया जी, जय प्रकाश नारायण, मुलायम सिंह यादव की आत्मा यह देख रही होगी तो अपने पुत्र की पार्टी पर दुखी हो रही होगी। अखिलेश यादव जब मुख्यमंत्री थे तब आतंकवादियों को छोड़ने की पैरवी करने में हाई कोर्ट से डांट खा चुके हैं, लोकतंत्र के लिए यह अच्छा संदेश नहीं है।

मोहित

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