कानपुर(हि.स.)। नगर निगम, जलकल, जल संस्थान और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की लापरवाही के कारण गंगा को शुद्ध और अविरल बनाने की नमामि गंगे योजना को पलीता लग रहा है। हाल ही में एशिया के सबसे बड़े नाले सीसामऊ को टैप किया गया था। साथ ही इसकी निगरानी विभाग में तैनात अधिकारियों को सौंपी गयी थी, मगर नाले का गंदा पानी गंगा में गिरते दिखा। जिसको समाचारों के जरिए प्रमुखता से दिखाया।
इसका संज्ञान लेकर गुरूवार को मंडलायुक्त डॉ राजशेखर ने लिया और गुरूवार को टैफ्को पम्पिंग स्टेशन व सीसामऊ नाले का स्थलीय भ्रमण किया। इस दौरान सूर्यकान्त त्रिपाठी अपर नगर आयुक्त, अरविन्द कुमार यादव प्रभागीय वनाधिकारी, अनिल माथुर क्षेत्रीय अधिकारी प्रदूषण नियंत्रण इकाई, यासिन खान अधिशाषी अभियंता (सिंचाई), ज्ञानेन्द्र चौधरी परियोजना प्रबन्धक गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई-4 व महाप्रबन्धक गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई एवं कानपुर रिवर मैनेजमेंट प्रा0 लि0 (के0आर0एम0पी0एल0) के अधिकारीगण उनके साथ रहें।
सबसे पहले मंडलायुक्त ने पाया कि टैफ्को पम्पिंग स्टेशन के नियमित संचालन एवं रख-रखाव से सम्बन्धित पंजिका के अवलोकन में पाया कि किसी भी जे0ई0 अथवा ए0ई0 द्वारा इस पंजिका पर दैनिक रूप से अपनी टिप्पणी के साथ इस पर हस्ताक्षर नहीं किया जा रहे हैं। इस सम्बन्ध में उनके द्वारा किये गये निरीक्षण की कोई अलग से निरीक्षण रिपोर्ट जारी की गयी हो, के सम्बन्ध में पूछे जाने पर उनके द्वारा कोई रिपोर्ट नहीं दिखाई जा सकी। इस पर आयुक्त ने कड़ी आपत्ति व्यक्त करते हुए सम्बन्धित जे0ई0 व ए0ई0 को कारण बताओं नोटिस जारी किया।
उन्होंने परियोजना प्रबन्धक, गंगा प्रदूषण नियंत्रण इकाई-1 व जल निगम के इलेक्ट्रिक एवं मैकेनिकल विंग के अधिकारी को इसकी प्रतिदिन चेकिंग करने और पम्पिंग स्टेशन का अपनी पूर्ण क्षमता के साथ पूरे समय तक चलाया जाना सुनिश्चित किये जाने के निर्देश दिये गये। इस दौरान उन्होंने सीसामऊ नाले का भी निरीक्षण किया।
मंडलायुक्त ने बताया कि मौके पर नाले से पानी नहीं गिर रहा है। लेकिन इसमें कोई लापरवाही बरती गयी है तो जांच की जाएगी और रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी। साथ ही दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों को बख्शा नहीं जाएगा, बल्कि सख्त कार्यवाही की जायेगी। इस मामले में पम्पिंग स्टेशन टैफ्को के संचालन में जेई व एई स्तर पर खामी मिली है, जिन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
अजय/मोहित
