Sunday, April 12, 2026
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 सीबीएसई की 12वीं परीक्षा के विज्ञान संकाय में 20 प्रतिशत प्रश्न वस्तुनिष्ठ होंगे

कोटा (हि.स.)। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, नई दिल्ली द्वारा 21वीं बोर्ड परीक्षा 2023 नये परीक्षा पैटर्न एवं नये पाठ्यक्रम से आयोजित होगी। यह बोर्ड परीक्षा अगले वर्ष 15 फरवरी से आयोजित होने की उम्मीद है। इससे पहले सीबीएसई से संबद्ध स्कूलों में प्रायोगिक परीक्षाएं भी आयोजित की जाएंगी। ऐसे में देशभर के 15 हजार से अधिक सरकारी एवं निजी स्कूलों में अध्ययनरत 14 लाख से अधिक विद्यार्थियों को 12वीं बोर्ड की टाइमटेबल शीट का इंतजार है।

एजुकेशन एक्सपर्ट देव शर्मा ने बताया कि 12वीं बोर्ड परीक्षा में विज्ञान संकाय के सिलेबस एवं परीक्षा पैटर्न में महत्वपूर्ण परिवर्तन किया है। सिलेबस से विज्ञान वर्ग में भौतिक, रसायन, गणित तथा जीव विज्ञान विषयों से कई अनावश्यक विषय हटाए हैं। बोर्ड परीक्षा के पैटर्न में भी परिवर्तन किया है। बोर्ड द्वारा जारी अधिकृत सूचना के अनुसार 12वीं बोर्ड के प्रश्नपत्रों में अब लगभग 20 प्रतिशत प्रश्न वस्तुनिष्ठ होंगे। बोर्ड परीक्षा में वस्तुनिष्ठ प्रश्न विद्यार्थियों के लिए लाभकारी होगी क्योंकि लगभग सभी प्रतियोगी परीक्षाओं में ऑब्जेक्टिव टाइप प्रश्न ही पूछे जाते हैं।

विद्यार्थी केमिस्ट्री एवं फिजिक्स के नये सिलेबस से करें तैयारी-

कोचिंग शिक्षकों के अनुसार, विद्यार्थियों को 12वीं बोर्ड परीक्षा में बेहतर अंक प्राप्त करने के लिये नये पाठ्यक्रम के अनुरूप तैयारी करनी होगी। 12वीं बोर्ड परीक्षा के नये पाठ्यक्रम में रसायन विषय के कई अध्याय हटाए गए हैं। केमिस्ट्री विषय से सालिड स्टेट, सरफेस केमिस्ट्री, पी ब्लॉक, पॉलीमर्स तथा केमिस्ट्री इन एवरीडे लाइफ जैसे चैप्टर्स लिए गए हैं। विद्यार्थियों को इन चैप्टर से संबंधित सब्जेक्टिव प्रश्नों की तैयारी करने की आवश्यकता नहीं है। हालांकि मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट-यूजी तथा इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा-2023 जेईई-मेन का पाठ्यक्रम अभी घोषित नहीं किया गया है। फिर भी उम्मीद है कि इन अध्यायों को प्रतियोगी प्रवेश परीक्षाओं के पाठ्यक्रम नहीं हटाया जाएगा। ऐसी स्थिति में सीबीएसई 12वीं बोर्ड के विद्यार्थी इन्हें वस्तुनिष्ठ प्रश्नों की दृष्टि से अवश्य तैयार करें।

12वीं बोर्ड परीक्षा में भौतिक के पाठ्यक्रम में भी कई ऐसे परिवर्तन किए गए हैं जो दिखाई नहीं देते। फिजिक्स में करंट इलेक्ट्रिसिटी चैप्टर से कलर कोडिंग आफ रेजिस्टेंस, मीटर ब्रिज तथा पोटेंशियो मीटर जैसे महत्वपूर्ण टॉपिक हटाए गए हैं। इसी प्रकार सेमीकंडक्टर फिजिक्स से स्पेशल परपज डायोड, जेनर डायोड तथा जेनर डायोड का वोल्टेज रेगुलेटर की भांति उपयोग जैसे विशिष्ट टॉपिक हटाए हैं।

विषय विशेषज्ञों ने बताया कि नीट एवं जेईई जैसी प्रवेश परीक्षाओं में भौतिक और रसायन महत्वपूर्ण विषय होने से दोनों के पाठ्यक्रम में बदलाव पर ध्यान देना होगा। क्योंकि इस परिवर्तन के सापेक्ष बोर्ड परीक्षार्थियों, नीट-यूजी तथा जेईई-मेन व एडवांस्ड की तैयारी करने वाले लाखों विद्यार्थियों को अपनी तैयारी में आवश्यक परिवर्तन करने होंगे। गणित एवं बायोलॉजी विषय के विद्यार्थियों को सलाह दी जाती है कि वे भी परिवर्तित सिलेबस का टॉपिक लेवल तक विश्लेषण कर लें।

अरविंद/ ईश्वर

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