बस्ती(हि.स.)। जनपद के एक गांव में लावारिस मिले शिशु को बुधवार को कानूनन अभिभावक मिल गए। न्याय पीठ बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) के कार्यालय में अध्यक्ष प्रेरक मिश्रा और उनके सदस्यों ने विधिक प्रक्रिया पूरी करने के बाद शिशु को अभिभावकों को सौंप दिया। शिशु मिलने की इच्छा पूर्ण होने पर गोद लेने वाली मां के आंखों में खुशी के आंसू छलक पड़े।
उल्लेखनीय है कि जनपद के एक गांव में कुछ माह पूर्व लावारिस हालत में एक नवजात शिशु मिला था। शिशु को चाइल्ड लाइन व मुकामी पुलिस ने बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) के सामने प्रस्तुत किया था। शिशु की हालत को देखते हुए सीडब्ल्यूसी के निर्देश पर चाइल्ड लाइन के माध्यम से उसे जच्चा-बच्चा अस्पताल में भर्ती कराया गया। शिशु के स्वस्थ होने के बाद न्याय पीठ बाल कल्याण समिति ने उसे शिशु गृह में आवासित कराया। इसके बाद से शिशु के माता-पिता की तलाश की जा रही थी। काफी प्रयास के बाद बच्चे के माता-पिता की खोज पूरी कर ली गई।
न्याय पीठ के अध्यक्ष प्रेरक मिश्रा, सदस्य अजय श्रीवास्तव, डॉक्टर संतोष श्रीवास्तव, मंजू त्रिपाठी के द्वारा शिशु को एडाप्शन (गोद) देने की प्रक्रिया को बुधवार पूरा कराया गया। केंद्र सरकार की एजेंसी कारा के तहत सम्पूर्ण प्रक्रिया पूरी करने के बाद शिशु के कानूनी अभिभावक शिशु गृह के अधिकारियों के साथ न्याय पीठ कार्यालय पहुंचे। जहां गोद देने की औपचारिकता पूर्ण की गई। सभी प्रपत्रों का अवलोकन करने के बाद शिशु को उसके कानूनी माता-पिता को सौंप दिया।
इस शिशु को हरियाणा के मानेसर की रहने वाली एक महिला सिंगल पैरेंट्स ने गोद लिया है। इस महिला ने कारा में 2019 में ही शिशु को गोद लेने के लिए पंजीकरण करवा रखा था। बच्चा महिला को सौंपने के बाद आगे की प्रक्रिया संबंधित जनपद से पूर्ण कराने का आदेश दिया गया है।
महेंद्र
