Tuesday, February 10, 2026
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सीएचसी के गेट पर हुए प्रसव मामले में शासन ने लिया संज्ञान

जांच टीम गठित कर जांच करने सीएचसी पहुंचे मुख्य चिकित्साधिकारी

हमीरपुर(हि.स.)। सीएचसी सरीला से प्रसव हेतु रेफर हो आयी महिला का प्रसव सीएचसी राठ इमरजेंसी गेट पर होने का प्रकरण अब तूल पकड़ने लगा है। मामला शासन तक पहुंचने के उपरांत शासन के निर्देश पर गुरुवार को जनपद के मुख्य चिकित्साधिकारी ने जांच टीम गठित कर जांच करने के निर्देश दिए हैं। जिस पर जांच टीम द्वारा गुरुवार के रोज अपर मुख्य चिकित्साधिकारी सामुदायिक स्वस्थ केंद्र सीएससी राठ पहुंचे। जिन्होंने महिला इमरजेंसी प्रसव केंद्र का स्थलीय निरीक्षण किया।

सरीला के गुरुदेवपुरा सरीला निवासी देववती पत्नी राजेन्द्र को बीते मंगलवार के रोज प्रसव पीड़ा होने पर उसे परिजनों द्वारा सीएससी सरीला में भर्ती कराया गया था। जहां तबीयत नाजुक होने पर उसे रिफर किया गया। उस दौरान परिजनों द्वारा सीएससी राठ में महिला को भर्ती कराया गया सामुदायिक स्वस्थ केंद्र में अचानक लाइट चले जाने पर महिला के बाहर आने पर उसका प्रसव सामुदायिक स्वस्थ केंद्र की इमरजेंसी के गेट पर ही हो गया। जिस पर महिला के प्रसव के उपरांत अन्य उपचार भी रात्रि के अंधेरे में ही कराया गया। जिससे आहत हो परिजनों ने अस्पताल की लापरवाहियों का एक वीडियो बना सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया।

उक्त वीडियो पर शासन ने संज्ञान लेते हुए मुख्य चिकित्साधिकारी को मामले में जांच करने के लिए निर्देशित किया। जिस पर गहरी निद्रा में लीन स्वस्थ विभाग के मुख्य चिकित्साधिकारी की निंद्रा खुली औऱ अपर मुख्य चिकित्साधिकारी को जांच के लिए भेजा गया। जांच हेतु आये जांच अधिकारी से जब इस संबंध में मौजूद पत्रकारों द्वारा बात करनी चाही तो उन्होंने बात करने से साफ मना कर दिया। जनपद के चिकित्साधिकारी से बात की गयी तो उन्होंने भी बात करने से मना करते हुए कहा कि सभी तथ्यों की जांच बारीकी से की जा रही है। जांच होने के उपरांत ही कुछ कहा जा सकेगा। हालांकि इस जांच और प्रकरण के बीच कुछ प्रश्नचिन्ह जरूर आमजन को सोचने पर मजबूर कर रहे हैं जिस दौरान प्रसव हो रहा था तो क्या स्टाफ नहीं था। अगर मौजूद था तो महिला को पावर सफ्लाई कटने के बाद उसको हवा खाने के लिए क्यों बाहर निकाला गया। जिससे महिला का प्रसव बाहर ही हो गया।

सरकार तीमारदारों की सुविधाओं को देखते हुए स्वस्थ प्रशासन द्वारा 25 एचपी का जनरेटर रखवाया गया है ताकि पावर जाने के तत्काल बाद जनरेटर द्वारा वार्डाें व समूचे स्वस्थ केंद्र में पावर सप्लाई सुनिश्चित की जाए। इस बाबत करीब ढाई लाख रुपये का बजट सरकार द्वारा दिया जाता है। ऐसे में सवाल उठता है कि कहीं जनरेटर के लिए जरूरी तेल को खरीदने के बजाय उसके पैसे का गबन तो नहीं हो रहा। फिलहाल जांच के लिए आये अधिकारियों द्वारा प्रसव केंद्र व इमरजेंसी बार्ड में लगे सीसीटीवी कैमरे को खंगाला जा रहा है।

पंकज/आकाश

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