आजमगढ़(हि.स.)। मारपीट के एक मामले में नाम निकालने के लिए बर्खास्त सिपाही की माँ से 70 हजार रूपये रिश्वत लेने वाले हेड कांस्टेबल को दोषी पाए जाने पर शहर कोतवाली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार हेड कांस्टेबल सीओ सदर का पेशकार है।
गंभीरपुर थाने के हरिश्चंद्रपुर गांव में मई 2022 में मारपीट हुई थी। इस घटना में वादी मुकदमा ने विरेंद्र यादव, महेंद्र यादव, साजमन, पंकज, प्रीती व राजकुमार को नामजद आरोपी बनाया है। मुकदमंे की विवेचना तत्कालीन सीओ सदर सौम्या सिंह द्वारा की जा रही थी। इस मामले में बर्खास्त सिपाही साजमन का नाम मुकदमे से निकालने के नाम पर सीओ के पेशकार रहे हेड कांस्टेबल रामसोच ने साजमन का नाम निकालने के लिए उसकी मां लक्ष्मीना से 70 हजार रुपये घूस ले लिया। रूपए लेने के बाद भी साजमन का नाम नहीं निकाला गया और 82 की नोटिस भी चस्पा हो गई। साजमन ने जब सीओ पेशकार से इस बाबत बात किया तो उसने हाजिर हो जाने की सलाह दिया। अपने को ठगी के शिकार साजमन की मां की तरफ से एसपी से हेडकांस्टेबल रामसोच के खिलाफ शिकायत किया।
पुलिस अधीक्षक ने इसकी जांच एसपी ट्रैफिक सुधीर जायसवाल को जांच सौंपा था। जांच में आरोप की पुष्टि होने पर हेड कांस्टेबल के खिलाफ शहर कोतवाली में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज भ्रष्ट हेड कांस्टेबल को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
एसपी सिटी शैलेन्द्र लाल ने बताया कि हेड कांस्टेबल के खिलाफ एक महिला ने शिकायत किया था। इसकी जांच एसपी ट्रैफिक ने की, जांच में दोषी पाए जाने पर हेड कांस्टेबल के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर हेड कांस्टेबल रामसोच को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है और उसे निलंबित कर दिया गया है।
राजीव
