- कहा: वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट पर किसका चित्र होगा?
सिद्धार्थनगर । सिद्धार्थनगर में कोरोना वैक्सीनेशन के दौरान स्वास्थ्यकर्मियों की बड़ी लापरवाही का खुलासा हुआ है। दरअसल, स्वास्थ्यकर्मियों ने कुछ लोगों को पहली डोज के तौर पर कोविशील्ड और दूसरी डोज के रूप में कोवैक्सीन की लगा दी है। इसे लेकर विपक्ष ने योगी सरकार पर जमकर निशाना साधा है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने कहा कि यूपी के सिद्धार्थनगर में 20 ग्रामीणों को कोरोना की पहली व दूसरी डोज में कोवीशील्ड व कोवैक्सीन के अलग-अलग टीके लगाया जाना, भाजपा सरकार की लापरवाही का निकृष्ट उदाहरण है। इससे प्रभावित लोगों को डॉक्टरी निगरानी में रखा जाए।
साथ ही उन्होंने योगी सरकार से पूछा कि इस तरह के वैक्सीनेशन सर्टिफिकेट पर किसका चित्र होगा? दरअसल, औदही कलां समेत एक अन्य गांव में लगभग 20 लोगों को वैक्सीन की पहली डोज कोविशील्ड की लगाई गई थी। इसके बाद 14 मई को दूसरी डोज लगाते समय स्वास्थ्यकर्मियों ने भारी लापरवाही बरतते हुए कोवैक्सीन लगा दी। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को पता चली तो हड़कंप मच गया। यही नहीं, वैक्सीन लगाने वाले कर्मी एक दूसरे पर इस गलती का आरोप लगाने लगे। लेकिन जब इसकी जानकारी वैक्सीन लगवा चुके लोगों को हुई तो दहशत में आ आ गए।
हालांकि अभी तक किसी को कोई स्वास्थ्य संबंधित समस्या नहीं हुई है, लेकिन वैक्सीन लगवाने वाले लोग और पूर्व सीएम अखिलेश यादव इस घोर लापरवाही में शामिल स्वास्थ्यकर्मियों और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। इस मामले में सीएमओ संदीप चौधरी ने विभागीय लापरवाही स्वीकार करते हुए कहा कि स्वास्थ्यकर्मियों ने करीब 20 लोगों को लापरवाही बरतते हुए कॉकटेल वैक्सीन लगा दी है। हमारी टीम इन सभी लोगों पर नजर बनाए हुए है और अभी तक किसी को कोई दिक्कत नहीं हुई है। हमने जांच टीम बना दी है और रिपोर्ट आते ही दोषी कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
सिद्धार्थनगर : अखिलेश यादव ने योगी सरकार पर कसा तंज
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