लखनऊ(हि.स.)। उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग में विभागाध्यक्ष और समकक्ष अधिकारियों की स्थानान्तरण नीति पर विचार विमर्श के बाद बड़ा फैसला लिया गया। सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने निर्णय लिया कि विभाग के अधिकारियों व मुख्य अभियंता, अधीक्षण अभियंता, अधिशासी अभियंता स्तर पर स्थानान्तरण नहीं होगा। इससे विभागीय कार्यों में मजबूती आएगी। छोटे पदों पर कुछ स्थानान्तरण पूर्व में हुए थे। इसके बाद बड़े पदों पर बैठे अभिंयताओं के स्थानान्तरण की अभी आवश्कता नहीं है।
सिंचाई विभाग के विभागाध्यक्ष अनिल कुमार ने अधिकारियों व अभियंताओं को विभागीय कार्यों पर जोर देने के निर्देश दिये हैं। बाढ़ क्षेत्रों में सिंचाई विभाग के अधिकारी नजर बनाये रखेंगे। ताकि किसी प्रकार की जानमाल की हानि न होने पाये। नदी में उफान की स्थितियों की जानकारी मुख्य अभियंता व अधिशासी अभियंता करते रहेंगे। नहरों के मरम्मत की जहां आवश्कता होगी, उसे स्थानीय स्तर पर ही कराया जाएगा।
15 अवर अभियंता के हुए स्थानान्तरण
उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग के अधिकारियों की स्थानान्तरण नीति के अंतर्गत लिये गये फैसले से पूर्व ही 15 अवर अभियंताओं की स्थानान्तरण संबंधित फाइल पर मोहर लग गयी थी। इसे कुछ समय अंतराल के बाद जारी कर दिया गया। इससे अवर अभियंताओं ने राहत की सांस ली।
जलशक्ति मंत्री तक पहुंचाये गये प्रार्थना पत्र
प्रदेश के जलशक्ति मंत्री स्वतंत्रदेव सिंह तक सिंचाई विभाग के मुख्य अभियंता, अधिशासी अभियंता के स्थानान्तरण संबंधित प्रार्थना पत्र पहुंचाये गये। एक मुख्य अभियंता तो स्वयं ही अपने प्रार्थना पत्र के साथ मंत्री आवास के चक्कर लगाते हुए दिखाई पड़े।
शरद/दिलीप
