–80 सदस्यीय दल का रिटायर्ड आर्मी कमांडर तेनज़िन ड्रेचोम कर रहे नेतृत्व
कुशीनगर(हि.स.)। बौद्ध सर्किट के चल रहे पर्यटन सीजन में भले ही चीन, जापान और थाइलैंड के पर्यटकों की संख्या बेहद कम दिख रही किंतु वियतनाम, कोरिया और सिंगापुर के पर्यटक यह कमी पूरी कर रहे हैं। सिंगापुर से 80 सदस्यीय विशेष पर्यटक दल कुशीनगर आया है जिसका नेतृत्व वहां के आर्मी में कमांडर जैसे उच्च पद पर रहे और अब आजीवन बौद्ध भिक्षु बने तेनज़िन ड्रेचोम कर रहे हैं। दल में शामिल सदस्य सिंगापुर की आर्मी, सिविल पुलिस और प्रशासन में कार्यरत और सेवानिवृत्त हैं।
बौद्ध सर्किट की 18 दिन की यात्रा पर आया दल बोधगया में दलाईलामा की कालचक्र पूजा में भी भाग लेगा। रविवार की सुबह दल ने महापरिनिर्वाण मंदिर में विशेष पूजा कर विश्व शांति और खुशहाली की कामना की। पर्यटकों ने महापरिनिर्वाण स्तूपा की परिक्रमा करने के पश्चात बुद्ध की 5वीं सदी की शयनमुद्रा वाली प्रतिमा पर चीवर अर्पित किया। दल ने मुकुटबंधन चैत्य, माथा कुंवर मंदिर समेत अनेक पुरावशेषों को देखा और इंटरप्रिटेशन सेंटर में बुद्ध के जीवन वृत्त को देखा।
सिंगापुर की स्पेशल फोर्स का भी नेतृत्व कर चुके ड्रेचोम का कहना है कि अध्यात्म में बहुत शक्ति है।आर्मी के प्रत्येक जवान और अधिकारी को अध्यात्म की दीक्षा लेनी चाहिए। भारत में दल को सपन कुमार और शरद उपाध्याय गाइड कर रहे हैं। दल में सुजैन टैन, यूलिशा हुआ, येओ हेवी, यियान, यू ज़िंग्ज़ी, लियो शी ली आदि शामिल थे।
गोपाल/सियाराम
