Wednesday, April 1, 2026
Homeउत्तर प्रदेश साल 2022 ने वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट को गर्व कर मुस्कुराने का दिया...

 साल 2022 ने वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट को गर्व कर मुस्कुराने का दिया मौका

सावन माह और अन्य बड़े अवसरों पर भीड़ प्रबंधन देश में बनी नजीर

वाराणसी (हि.स.)। वर्ष 2022 भी खट्टी-मीठी यादों के साथ दो दिन बाद बस यादों में रह जाएगा। विदाई के मुहाने पर खड़े साल के अन्तिम दिन जश्न मनाने के साथ नए साल के स्वागत के लिए वाराणसी सहित पूरा देश तैयार है । साल 2022 की शुरुआत में कोरोना से मुक्ति और जाते—जाते दिसम्बर माह के अन्तिम दिनों में फिर कोरोना संकट गहराने के बावजूद यह साल बाबा विश्वनाथ की नगरी और वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट को गर्व कर मुस्कुराने और सुकून देने के लिए कुछ बड़ी उपलब्धियों को भी छोड़े जा रहा है। वर्ष 2022 में वाराणसी पुलिस का भीड़ प्रबंधन (क्राउड मैनेजमेंट) देश भर के मंदिरों के लिए नजीर बन गया। एक दिन में सात लाख भक्तों को बिना किसी बाधा,भगदड़ और सुगमता से दर्शन कराने को लेकर विशेषज्ञ भी सराहते रहे ।

सावन माह के चारों सोमवार के अलावा अन्य दिनों में भी शिवभक्तों के साथ आम लोगों ने सुगमता से श्री काशी विश्वनाथ का दर्शन किया। पूरे माह क्राउड मैनेजमेंट के चलते भगदड़ की स्थिति नहीं उत्पन्न हुई। तत्कालीन पुलिस कमिश्नर ए सतीश गणेश ने सावन माह के पूर्व अपनी टीम के साथ भीड़ प्रबंधन का खाका खींचा। मातहत अफसरों के साथ कभी बैठक कर तो कभी वर्चुअल बैठक कर विमर्श किया। वर्ष 2022 के 28 अगस्त को प्रदेश के पूर्व डीजीपी सुलेखान सिंह और पूर्व गृह सचिव एमपी मिश्रा ने क्राउड मैनेजमेंट की जानकारी वाराणसी आकर ली। तत्कालीन पुलिस कमिश्नर ए सतीश गणेश से सुरक्षित दर्शन के रणनीति का फीडबैक लिया। पुलिस कमिश्नर ने प्रेजेंटेशन देकर पूरे व्यवस्था के एक —एक बिंदू को बताया। इस सफल क्राउड मैनेजमेंट का नतीजा रहा कि लाखों लोगों ने सावन माह में आसानी से दर्शन कर लिया। खास बात यह रही कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी वाराणसी में दौरा कर भीड़ प्रबंधन को लेकर संजीदा दिखे। वाराणसी पुलिस के भीड़ प्रबंधन का महाकाल उज्जैन और पूणे की पुलिस टीम ने भी विश्वनाथ धाम में भ्रमण कर जमीनी हकीकत देखी। डेनमार्क की टीम ने भी धाम की सुरक्षा व्यवस्था की जमकर तरीफ की थी।

तत्कालीन पुलिस कमिश्नर ने सावन माह के शुरूआत से ही बाबा विश्वनाथ धाम में तैनात पुलिसकर्मियों को दर्शनार्थियों से अच्छा व्यवहार करने के लिए प्रेरित किया । इसमें उनके मातहत अफसरों खास कर एडिशनल सीपी संतोष सिंह,डीसीपी काशी जोन,दशाश्वमेध एसीपी अवधेश पांडेय ने भी बड़ा योगदान दिया। एडिशनल सीपी संतोष सिंह ने काशी विश्वनाथ मंदिर परिसर में जाकर खुद पुलिस कर्मियों को ट्रेनिंग भी दी थी। काशी विश्वनाथ धाम में प्रवेश के लिए पांच गेट बने हैं। भीड़ प्रबंधन में सभी प्रवेश द्वार से शिवभक्तों को प्रवेश दिया गया। धाम के अंदर गर्भ गृह जाने के लिए कई लाइनें लगवाई जाती थी। क्यू बनाकर भीड़ को कंट्रोल किया जाता रहा।

वाराणसी के भीड़ प्रबंधन को विठोबा (विष्णु) मंदिर का प्रतिनिधिमंडल ने भी देखा

सावन माह में वाराणसी के भीड़ प्रबंधन को महाराष्ट्र सोलापुर जनपद के पंढरपुर स्थित विठोबा (विष्णु) मंदिर का प्रतिनिधिमंडल ने भी देखा। तत्कालीन सीपी के साथ बैठक कर क्राउड मैनेजमेंट के मॉडल पर चर्चा की। प्रेजेंटेशन के जरिए पूरी व्यवस्था को समझा। डेनमार्क की टीम ने सुरक्षा व्यवस्था की तारीफ की थी।

श्रीधर

RELATED ARTICLES

Most Popular