Thursday, March 26, 2026
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सामूहिक दुष्कर्म के बाद आरोपित किशोरी को पुलिस चौकी में छोड़ गए

बांदा (हि.स.)। घर में छोटी बहन के साथ सो रही किशोरी को गांव के ही तीन युवकों ने अगवा कर लिया। तीनों ने पहले जंगल में और फिर एक कमरे में ले जाकर बारी-बारी से दुष्कर्म किया। उसके बाद उन्होंने पुलिस चौकी में यह कहकर किशोरी को सुपुर्द कर दिया कि यह लड़की उन्हें रोते हुए स्टेशन पर मिली थी। तीनों ने लड़की को कुछ भी बताने पर जान से मारने की धमकी दी थी, जिससे वह खामोश रही। घर पहुंचने पर माता-पिता को असलियत बताई तो इसकी शिकायत उन्होंने पुलिस से की तो उनकी ओर से कोई एक्शन नहीं लिया।

घटना मटौंध थाना क्षेत्र एक गांव की है। यहां की रहने वाली किशोरी के पिता ने मंगलवार को पुलिस अधीक्षक को दिए गए शिकायती पत्र में बताया कि 11 एवं 12 अप्रैल की दरमियानी रात उनकी 17 वर्षीय बेटी घर के अंदर अपनी छोटी बहन के साथ आंगन में लेटी थी। पास में ही मैं और मेरी पत्नी सो रहे थे। अचानक रात में मोटरसाइकिल की आवाज सुनकर मेरी नींद खुली तो देखा कि बिस्तर पर मेरी बेटी नहीं थी। रात में ही हम बेटी को गांव में ढूंढते रहे। सवेरे लगभग सात बजे भूरागढ़ पुलिस चौकी से फोन आया कि तुम्हारी बेटी यहां पर मौजूद है, जल्दी आओ। मैं जब पुलिस चौकी पहुंचा तो मुझे देखकर बेटी रो पड़ी। जो सहमी-सहमी नजर आ रही थी। मैंने पूछा कि मेरी बेटी यहां कैसे आई, कौन छोड़ गया है। लेकिन इसका पुलिसकर्मियों ने कोई जवाब नहीं दिया। मैं बेटी को घर ले आया, जहां उसने पूरी घटना बताई।

लड़की के मुताबिक गांव के वीरेंद्र सिंह उर्फ बिंदु, रिंकू यादव और अजीत सिंह उर्फ बाबू घटना वाली रात दो मोटरसाइकिल से आए थे। घर के बाहर की दीवार की तरफ कुछ लोगों को आवाज आ रही थी। मैंने झांक कर देखा तभी इन लोगों ने मेरा हाथ पकड़ कर खींचते हुए तमंचा लगा दिया और कहा कि चिल्लाओगी तो तुम्हें गोली मार देंगे। इसके बाद उसे मोटरसाइकिल में जबरन बैठा लिया और घर के पास ही हैंडपंप पर जबरन शराब पिलाई।

उसके बाद तीनों उसे एक जंगल में ले गए जहां उसके साथ तीनों ने दुष्कर्म किया। फिर शहर के एक कमरे में भी उसे तीनों ने हवस का शिकार बनाया। वहां से उसे रेलवे स्टेशन ले गए कुछ देर टहलने के बाद उसे भूरागढ़ पुलिस चौकी छोड़ गए। पुलिस चौकी में छोड़ने से पहले तीनों ने उसे डराते धमकाते हुए कहा पुलिस के सामने मुंह नहीं खोलना नहीं तो जान से हाथ धो बैठोगी।

इस बारे में पीड़िता ने बताया कि पुलिसकर्मियों ने चौकी में मुझे धमकाते हुए कहा था कि घर में कोई भी बात मत बताना। धमकी के कारण मैं भयभीत रही, घर पहुंचने पर पूरी सच्चाई अपने माता-पिता को बता दी। पिता का कहना है कि बेटी द्वारा बताई गई घटना के बाद मैंने भूरागढ़ पुलिस चौकी में भी आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। लेकिन पुलिस ने किसी तरह की मदद नहीं की। इस मामले में दोषियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाये।

अनिल

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