लखनऊ(हि.स.)। उत्तर प्रदेश आवास विकास परिषद ने 2016 में प्रस्तावित सीतापुर रोड आवासीय योजना को जमीन पर उतारने की तैयारी कर ली है। इसके लिए आवास आयुक्त रणवीर प्रसाद ने चार गांवों रामपुर बहेरा, देवरीपुर, मदारी व शिवपुरी का सर्वे कराया है, जहां पर वृहद आवासीय योजना तैयार होनी है।
आवास विकास परिषद ने वर्ष 2016 में सीतापुर रोड पर बक्शी का तालाब के निकट आवासीय योजना की रचना की थी। तभी इस योजना को लेकर बैठकें हुई, लेकिन कोई बात नहीं बन सकी। सात वर्ष बीतने के बाद वर्तमान आवास आयुक्त ने पहल की है। सीतापुर रोड पर बक्शी का तालाब परिक्षेत्र में चार गांवों की जमीनों को अधिग्रहण कर कुल आठ सौ एकड़ पर नई आवासीय योजना पर कार्य शुरु हो गया है। इसे आवासीय योजना का प्रथम चरण कहा जा रहा है। इसके लिए 650 करोड़ रुपयों का खर्च भी आयेगा।
आवास आयुक्त के निर्देश पर चार गांवों का सर्वे हुआ है। गांव की अधिकांश जमीनों पर कोई आवासीय व्यवस्था नहीं है। इस सर्वे रिर्पोट को अर्जन विभाग को सौंपा गया। आवास विकास परिषद की आगामी बैठक में स्थल चयन समिति अपनी रुपरेखा प्रस्तुत करेगी। तभी तक अर्जन विभाग के अधिकारी अपनी तैयारियों में जुटे हैं।
– आवास विकास परिषद की योजना से बिल्डरों की उड़ी नींद
आवास विकास परिषद की वृहद आवासीय योजना की जानकारी फैलते ही उस क्षेत्र के बिल्डरों की नींद उड़ गयी है। योजना के धरातल पर आते ही जमीनों के रेट अचानक से बढ़ेंगे। जमीनों के काराबोर से जुड़े बिल्डरों ने योजना से जुड़े गांवों के आसपास जमीनों पर दावं लगाना शुरु कर दिया हैं। जिसमें शहर के बड़े बिल्डरों के नाम शामिल है।
शरद/राजेश
