– कार्यशाला में व्यापारी,छात्र-छात्राओं,आमजन व पुलिस को किया जागरूक
झांसी (हि.स.)। लगातार बढ़ रहे साइबर अपराध की रोकथाम करने व साइबर अपराध से आमजनमानस को सुरक्षित रखने के लिए साइबर जागरूकता कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें व्यापारियों, छात्र-छात्राओं व पुलिस को जागरूक किया गया।
कार्यशाला में बताया गया कि सबसे ज्यादा छात्र छात्राएं, व्यापारी व आम जनता सोशल मीडिया के माध्यम से साइबर अपराध का शिकार हो रहे है। एक्सपर्ट ने बताया कि सोशल मीडिया कोई मजाक नहीं, आपकी छोटी सी गलती आपको बड़ा नुकसान पहुंचा सकती है। इसलिए किसी के झांसे में न आएं, जानकार बनें और सुरक्षित रहें। बताया कि साइबर अपराधी सबसे ज्यादा महिलाओं, युवतियों व बच्चों को अपना शिकार बनाते है।
शुक्रवार को दीनदयाल सभागार में आयोजित साइबर अपराध से बचाव की कार्यशाला का शुभारंभ डीआईजी जोगेंद्र सिंह, एसएसपी शिवहरि मीना ने दीप प्रज्वलित कर किया। कार्यशाला को संबोधित करने आए साइबर एक्सपर्ट रक्षित टंडन ने छात्र छात्राओं व व्यापारियों को साइबर अपराध से बचने के टिप्स दिए। बताया कि सोशल मीडिया कोई मजाक नहीं है, आपकी छोटी सी गलती आपको बड़ा नुकसान पहुंचा सकती है।
उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि जैसे आज कल युवतियों को फर्जी आईडी के माध्यम से गलत लोग लड़कियों के नाम से या अन्य किसी नाम से फ्रेंड रिक्वेस्ट भेज कर आपसे दोस्ती करते है, फिर आपसे फोटो मांगते है फिर उसी फोटो को वह साइबर अपराधी लड़कियों, छात्राओं, युवतियों व महिलाओं को ब्लैकमेल करना शुरू कर देते है। यही हाल छात्रों व युवकों के साथ होता है। लड़कियों के नाम से फर्जी आईडी से संपर्क करने पर आप साइबर अपराधी के शिकार हो जाते है।
उन्होंने कहा कि यह सोशल मीडिया है, कोई मजाक नहीं आप किसी को भी अपनी प्राइवेसी न बताए। क्योंकि वह साइबर अपराधी लड़का या लड़की बनकर आपकी गोपनीय फोटो वीडियो आदि उपलब्ध कराकर आपको ब्लैकमेल करना शुरू करता है। आपके निजी डेटा मिलने के बाद साइबर अपराधी सक्सेज हो जाते है। साइबर अपराधी महिलाओं बच्चों, युवतियों को तरह तरह के गेम मोबाइल पर भेज कर, लाखों का लोन दिलाने, लग्जरी गाड़ियां जीतने जैसे प्रलोभन देकर आपकी मोबाइल से डेटा और आपकी प्राइवेसी लेकर आपके साथ साइबर अपराध करते है। बच्चों को गेम खेलने के लिए मोबाइल देने से पहले अपनी सारी प्राइवेसी लोक कर दे क्योंकि हैकर्स सबसे ज्यादा बच्चों को गेम खिलाने और प्रलोभन गाडियां, रुपये जीतने जैसे बताकर उन्हें एक पिन कोड देते है और उनसे वह ओटीपी नंबर लेकर आपको अपना शिकार बना लेते है।
इसी प्रकार उन्होंने व्यापारियों को बताया कि आज कल सारा व्यापार चाहे छोटा हो या बड़ा सभी व्यापार कंप्यूटर से चल रहा है। इसी के चलते हैकर्स व्यापारियों को उन्ही की एक गलती पर उन्हे साइबर ठगी का शिकार बना लेते है। उन्होंने कहा इन सब चीजों से बचने के लिए कंप्यूटर को समय पर साफ सफाई करते रहे ओर गलत टन न दबाए। साथ ही हाईजीन का उपयोग करे। उन्होंने बताया यह साइबर अपराध से एटीएम, फेस बुक, बैंकिंग प्राइवेसी गोपनीय रखे। इसे सार्वजनिक न करे। उन्होंने पुलिस कर्मियों को भी साइबर अपराधियों को पकड़ने के टिप्स दिए। साइबर अपराध की विवेचना करने का तरीका भी बताया।
इस दौरान एसपी सिटी विवेक त्रिपाठी, एसपी देहात नेपाल सिंह सहित समस्त क्षेत्राधिकारी पुलिस कर्मियों के साथ समाज सेविका डॉक्टर नीति शास्त्री, व्यापारी नेता संजय पटवारी, व्यापारी नेता संतोष साहू, व्यापारी नेता पंकज शुक्ला, सहित कई व्यापारी, स्कूल कॉलेज के छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
महेश
