लखनऊहि.स.)। सहकार भारती का राष्ट्रीय अधिवेशन राजकीय पालीटेक्निक लखनऊ में 17, 18 व 19 दिसम्बर को होगा। इस अधिवेशन में देशभर से सहकार भारती के चिन्हित तथा दायित्ववान तीन हजार कार्यकर्ता शामिल होंगे। राष्ट्रीय अधिवेशन का उद्घाटन केन्द्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह करेंगे।
इस मौके पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, सहकारिता मंत्री मुकुट बिहारी वर्मा व सहकार भारती के राष्ट्रीय संगठन मंत्री संजय पाचपोर भी उपस्थित रहेंगे। यह जानकारी सहकार भारती के राष्ट्रीय अध्यक्ष रमेश वैद्य ने मंगलवार को लखनऊ में प्रेसवार्ता के दौरान दी।
रमेश वैद्य ने ने बताया कि इस अधिवेशन में संगठनात्मक कार्य की स्थिति की समीक्षा के अलावा अगले तीन वर्ष के लिए रोडमैप तैयार किया जायेगा। अधिवेशन को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पूर्व सरकार्यवाह भैय्याजी जोशी भी संबोधित करेंगे। सहकार भारती का गुणात्मक ढ़ांचा सकल सहकारिता ‘हर डगर हर कदम’ सहकारिता की ओर इस विषय पर संगोष्ठी का आयोजन किया जायेगा। सहकार भारती का राष्ट्रीय अधिवेशन हर तीन वर्ष पर आयोजित होता है। अधिवेशन में राष्ट्रीय अध्यक्ष तथा राष्ट्रीय महामंत्री का चुनाव भी किया जायेगा। वहीं अधिवेशन में सहकारिता से संबंधित विषयों पर प्रस्ताव भी पारित किये जायेंगे।
सहकार भारती के राष्ट्रीय महामंत्री उदय जोशी ने बताया कि अधिवेशन स्थल पर सहकार भारती के पिछले तीन वर्षों के कार्य पर आधारित प्रदर्शनी भी लगाई जायेगी। इस प्रदर्शनी में विभिन्न प्रदेश के 300 से अधिक स्वयं सहायता समूहों द्वारा संचालित स्टाल लगाये जायेंगे।
सहकारिता के माध्यम से हो सकता है समाज का स्थाई आर्थिक विकास
सहकार भारती के राष्ट्रीय अध्यक्ष रमेश वैद्य ने कहा कि देश व समाज का स्थाई आर्थिक विकास सहकारिता के माध्यम से ही हो सकता है। उन्होंने बताया कि बिना संस्कार नहीं सहकार इस घोष वाक्य के साथ सहकारिता क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर काम करने वाला सहकार भारती एक स्वयंसेवी संगठन है। देश के 27 प्रदेश तथा 600 से अधिक जिलों में सहकार भारती कार्यरत है। उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों में सहकार भारती की इकाई का गठन हो चुका है।
रमेश वैद्य ने बताया कि पूरे भारतवर्ष में आठ लाख पचास हजार सहकारी समितियों का पंजीयन हुआ है तथा तीस करोड़ आबादी सहकारिता से जुड़ी है।
