लखनऊ (हि.स.)। राजधानी के पॉलिटेक्निक मैदान में राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ (आरएसएस) के अनुषांगिक संगठन सहकार भारती का शुक्रवार से शुरू होने वाले राष्ट्रीय अधिवेशन में प्रतिनिधियों के आने का सिलसिला अभी जारी है। 27 प्रान्तों के 6हजार जिलों से तकरीबन 3हजार प्रतिनिधि कार्यक्रम स्थल पहुंच चुके हैं और रजिस्ट्रेशन कराने में जुटे हैं। ”भारत माता” के जयघोष से गूंज रहा परिसर इनके उत्साह की गवाही दे रहा है। यहां एक लघु भारत का दर्शन हो रहा है।
पॉलिटेक्निक परिसर पूरी तरह से राष्ट्रवाद की आगोश में है। सहकार भारती से जुड़े प्रतिनिधियों से भरे मैदान में प्रशासनिक चहलकदमी भी तेज है। केंद्रीय गृह मंत्री और देश के पहले सहकारिता मंत्री अमित शाह के आने की संभावनाओं को देखते हुए पुलिस प्रशासन भी काफी मुस्तैद है। पुलिस ने चौकसी बढ़ा दी है और आने जाने वालों की जांच शुरू कर दी गई है।
कार्यक्रम में आने वाले प्रतिनिधियों में महिला उद्यमी प्रतिनिधियों की संख्या भी हजारों में है। देश के महाराष्ट्र, गुजरात, बंगाल, उड़ीसा, गोवा, हिमांचल प्रदेश, उत्तराखंड, बिहार, असम, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश समेत 27 प्रदेशों से महिला उद्यमियों की उपस्थिति है। अनेक प्रान्तों से महिला-पुरुष उद्यमियों के आने का सिलसिला शुरू है। इनकी संख्या के आंकड़े को तकरीबन 4 हजार पार करने का अनुमान लगाया जा रहा है।
यहां तकरीबन 300 स्टॉल लगाने हैं, जिनमें से 77 स्टॉल शुरू हो चुके हैं, जबकि शेष स्टॉलों के लगाने का क्रम चल रहा है। स्टॉलों में दुग्ध उत्पादन, आईटी, कॉलोनाइजर, साड़ी, हल्दी, गुड़, सेनेटरी, टोकरी,अचार, मुरब्बा, जूट बैग, बाटी चोखा, गोबर साबुन, मास्क, कृषि, पिज्जा, बाल मिठाई आदि से जुड़े स्टॉल शामिल हैं।
आमोद
