Saturday, April 11, 2026
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सहकारी बैंकों से किसानों को 4635 करोड़ का फसली ऋण दिया गया: राठौर

-उत्तर प्रदेश में 13 नई सहकारी बैंक की शाखाओं की शुरुआत

-योगी सरकार के सौ दिन हुए पूर्ण, मंत्री ने गिनाईं उपलब्धियां

लखनऊ (हि.स.)। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार 2.0 के 100 दिन पूर्ण होने के अवसर पर सहकारिता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जेपीएस राठौर ने बुधवार को अपने विभाग की उपलब्धियां गिनाईं। राठौर ने कहा कि एक अप्रैल से 30 जून 2022 तक 4635 करोड़ का फसली ऋण वितरित किया गया।

राठौर ने लोकभवन में पत्रकारों से कहा कि पांच हजार करोड़ रुपये फसली ऋण वितरित किये गए। यह ऋण सहकारी बैंकों के माध्यम से दी गयी। सहकारी बैंक से तीन प्रतिशत ब्याज दर पर लोन दिया जाता है। बाकी राष्ट्रीय बैंक चार फीसदी ब्याज दर पर देते हैं। एक प्रतिशत सरकार पूरा करती है। 95 प्रतिशत फसलों का भुगतान 72 घंटे में किया जा रहा है। इससे 8.5 लाख लघु एवं सीमांत किसान लाभान्वित हुए हैं। पिछले वर्ष इसी अवधि में 3200 करोड़ का ऋण वितरित किया गया था। इस वित्तीय वर्ष का लक्ष्य 10 हजार करोड़ रुपये निर्धारित किया गया। यूपीसीबी द्वारा गन्ना किसानों के भुगतान के लिए एक अप्रैल से 30 जून तक 560 करोड रुपये की ऋण सीमा स्वीकृत की गई है। इससे गन्ना किसानों की उपज का भुगतान हो सकेगा।

सहकारिता मंत्री राठौर ने कहा कि नैनो यूरिया बनाई गई है। एक लीटर नैनो यूरिया यह एक बोरी खाद के बराबर है। इसके लिए सभी 826 विकास खंडों में जागरुकता अभियान चलाया गया है। नैनो यूरिया को हम 25 फीसदी तक ले जाएंगे। यूरिया पर सरकार को सब्सिडी देनी पड़ती है। यह राशि भी सरकार की बचेगी। ड्रोन के माध्यम से नैनो यूरिया का छिड़काव गन्ने की फसल पर करेंगे।

यूपी कोऑपरेटिव बैंक की संख्या को 27 से बढ़ाकर 40 किया गया। यह 100 दिन में हुआ है। रामपुर और कन्नौज में 50-50 हजार मीट्रिक टन क्षमता के दो गोदाम बनाये हैं। इस प्रकार से एक लाख मीट्रिक टन की क्षमता है। कुल मिलाकर यूपी सरकार ने 39 हजार मीट्रिक टन क्षमता के गोदामों का प्रमाणीकरण किया है। इस कार्य में उत्तर प्रदेश सबसे आगे है। पिछले 100 दिन में ऑडिट भी कराया गया। सहकारी बैंकों से आवासन ऋण व्यवस्था के तहत अब लोग 75 लाख रुपये तक लोन ले सकेंगे। राठौर ने बताया कि पहले 30 लाख रुपये तक ऋण ले सकते थे। गाजियाबाद में लोगों ने सवाल किया कि घर बनाने के लिए यह धनराशि बहुत छोटी है। अधिकारियों के साथ बैठक करके हमने 75 लाख की नयी सीमा तय की है।

दिलीप शुक्ल

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