सहकारिता क्षेत्र तेजी के साथ प्रगति पथ पर अग्रसर
प्रदेश में अब किसी के लिए भी व्यापार करना अत्यंत आसान : जे.पी.एस. राठौर
लखनऊ। भारत किसानों का देश है और सहकारिता किसानों से जुड़ा है। जब को-ऑपरेटिव की बात आती है तो एक ऐसी संस्था का नाम आता है, जो सबको साथ लेकर चलती है। सहकारिता विभाग की समस्त संस्थाएं किसानों के हित के लिए कार्य कर रही हैं। यह बातें इन्दिरा गांधी प्रतिष्ठान में प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कही। वह 69वें अखिल भारतीय सहकारी सप्ताह-2022 के अवसर पर उत्तर प्रदेश राज्य सरकारी संघ द्वारा इज ऑफ डूइंग बिजनेस निर्यात संवर्धन विषय पर आयोजित गोष्ठी को संबोधित कर रहे थे।
उप मुख्यमंत्री तथा सहकारिता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जे.पी.एस. राठौर द्वारा अखिल भारतीय सहकारिता सप्ताह-2022 का शुभारम्भ दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया।
उप मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों को बीज, खाद्य, कृषि ऋण आदि आवश्यकताओं की पूर्ति सहकारी संस्थायें करती हैं। उन्होंने कहा कि सहकारी सेक्टर का लगातार विस्तार हो रहा है। सहकारिता का अर्थ एक कंधे से दूसरे कंधे को सहारा देकर आपसी सहयोग से आगे बढ़ना है।
सहकारिता का क्षेत्र तेजी के साथ प्रगति पथ पर अग्रसर: जेपीएस राठौर
गोष्ठी में सहकारिता मंत्री ने कहा कि आज हम सबके लिए गौरव का दिन है। आज सहकारिता क्षेत्र तेजी के साथ प्रगति पथ पर अग्रसर है। उन्होने कहा कि सहकारिता बहुत बड़ा आन्दोलन है, जिसकी शुरुआत भारत में 1904 में हुई। श्री राठौर ने कहा कि अगर सहकारिता की आत्मा को जीवित रखते हुए इसका क्रियान्वयन किया जाये तो गांधी जी द्वारा देखे गये ग्राम समाज के सपने को साकार कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि देश में सात लाख पचास हजार सहकारी समितियां हैं, जिससे लगभग 27 करोड़ लोग जुड़े हैं। उप्र में 46 हजार सहकारी समितियां 7500 साधन सहकारी समितियां तथा 40 सहकारी बैंक संचालित हैं।
राठौर ने कहा कि जन-जन तक सहकारिता को पहुंचाने तथा सहकारिता से जुड़े लोगों को आगे बढ़ाने का कार्य किया जा रहा है। इसके अलावा बैंकिंग को गांव-गांव तक पहुंचाने के लिए सहकारी बैंकों की शाखाएंं खोली जायेंगी।
विशेष सचिव, सहकारिता अच्छे लाल यादव बताया कि देश की आजादी के बाद से सहकारी सप्ताह मनाया जाता है। सहकारी समितियों के माध्यम से किसानों को ऋण एवं उर्वरक सहित अन्य सुविधाएं उपलब्ध करायी जा रही हैं।
उप्र राज्य निर्माण सहकारी संघ लि. के प्रबन्ध निदेशक ए.के. सिंह ने यह भी बताया कि उप्र राज्य निर्माण सहकारी संघ लि. लखनऊ प्रदेश की एक ऋणमुक्त शीर्ष सहकारी संस्था है।.
गोष्ठी को वित्तीय सलाहाकार सहकारिता विभाग पी.के. अग्रवाल तथा जेम पोर्टल के सलाहाकार प्रवीण बाधवानी द्वारा संबोधित किया गया है।
यूपीसीएलडीएफ के अध्यक्ष वीरेन्द्र तिवारी, प्रबन्ध निदेशक राम प्रकाश, यूपीएलडीबी के प्रबन्ध निदेशक कुलश्रेष्ठ, पीसीयू के प्रबन्ध निदेशक मनोज द्विवेदी एवं सहकारिता विभाग के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
बृजनन्दन
