रैली निकालकर दवाओं के मूल्य में हुई वृद्धि वापस लेने की मांग
वाराणसी (हि.स.)। विश्व स्वास्थ्य दिवस पर गुरूवार को सामाजिक कार्यकर्ताओं के साथ नागरिकों ने आवश्यक दवाओं के मूल्य में हुई भारी वृद्धि वापस लेने की मांग कर राजातालाब तहसील पर जमकर प्रदर्शन किया। लोक समिति व स्वास्थ्य का अधिकार अभियान उत्तर प्रदेश के संयुक्त तत्वावधान में कार्यकर्ताओं और दर्जनों गाँवों से आये दिहाड़ी मजदूर और महिलाओं ने ब्लाक मुख्यालय आराजी लाइन पर एकत्रित होकर खण्ड विकास अधिकारी को ज्ञापन सौंपा।
इसके बाद जीटी रोड पर रैली निकाली। राजातालाब तहसील पहुंच कर प्रदर्शन के बाद कार्यकर्ताओं के प्रतिनिधि मंडल ने उपजिलाधिकारी उदयभान सिंह को ज्ञापन सौंपा। प्रधानमंत्री को सम्बोधित ज्ञापन के माध्यम से सरकार से दवाओं के मूल्य वृद्धि तत्काल वापस लेने की मांग की गई। इस दौरान ग्रामीणों ने सरकार को चेतावनी दिया कि अगर जल्द माँग पूरा नहीं किया तो वे सड़क पर उतरकर उग्र प्रदर्शन को मजबूर होंगे।
स्वास्थ्य अधिकार अभियान के संयोजक वल्लभ पाण्डेय ने कहा कि विगत दिनों राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण (एनपीपीए) ने दर्द निवारक, विभिन्न संक्रमणों एवं हृदय, किडनी, अस्थमा, टीबी , संक्रमण, त्वचा, एनीमिया, डायबिटीज, रक्त चाप, एलर्जी, विषरोधी, खून पतला करने की दवा, कुष्ठ रोग, माइग्रेन, पार्किंसन, डिमेंशिया, साइकोथेरैपी, हार्मोन, उदर रोग आदि से सम्बन्धित लगभग 800 आवश्यक दवाओं के मूल्य को नए वित्तीय वर्ष में लगभग 11 प्रतिशत बढ़ाने की संस्तुति दी है। जिसके बाद आज से दवाओं के दाम बढ़ेंगे। लोक समिति संयोजक नन्दलाल मास्टर ने कहा कि तंगहाल गरीब जनता वैसे ही विगत दो तीन वर्षों से व्याप्त कोरोना संक्रमण काल में बेरोजगारी, महंगाई और आर्थिक मंदी के दौर से गुजर रहा है। ऐसे में आवश्यक दवाओं के मूल्य में वृद्धि से आम गरीब आदमी का इलाज करा पाना मुश्किल हो जायेगा। प्रदर्शन में आराजी लाइन प्रधान संघ अध्यक्ष मुकेश कुमार, तहसील बार के पूर्व अध्यक्ष सर्वजीत भारद्वाज, रामबाबू पटेल, रामप्रकाश यादव, संतोष यादव, चंद्रजीत यादव, महेश पांडेय, फादर प्रवीन, सच्चिदानंद,दीनदयाल सिंह, सूरज पाण्डेय, रमेश आदि शामिल रहे।
श्रीधर
