Saturday, March 7, 2026
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सर्दी और कोरोना के साथ प्रदूषण से घटती फेफड़े की कार्य क्षमता : डा. हेमंत मोहन


– कोरोना एवं डेंगू की कमजोरी और दुष्प्रभाव में कारगार होम्योपैथिक दवाएं

कानपुर (हि.स.)। मौसम बदलते ही कोरोना का संक्रमण फिर से तेजी पकड़ रहा है। इसके साथ ही इन दिनों डेंगू भी खतरानक रुप धारण करता जा रहा है। वहीं शहर में प्रदूषण का भी ग्राफ बराबर बढ़ रहा है। ऐसे में सर्दी और कोरोना के साथ प्रदूषण से फेफड़े की कार्य क्षमता घट जाती है। कोरोना के साथ डेंगू का वायरस दिल, दिमाग, लीवर और किडनी पर हमला कर रहा है। यदि कोरोना के साथ वायरल निमोनाइटिस हो जाए तो ले नेट्रम सल्फ और फास्फोरस नाम की होम्योपैथिक दवाएं लें। अत्यधिक एंटीबायोटिक दर्द निवारक और स्टेरॉयड से शरीर खोखला होता है और प्रतिरोधक क्षमता घटती है। यह बातें सोमवार को होम्योपैथिक शिविर में डा. हेमंत मोहन ने कही। 
गुरु नानक देव जी के प्रकाश उत्सव के अवसर पर चौक स्थित गुरुद्वारे में आरोग्यधाम ग्वालटोली की तरफ से डॉ हेमंत मोहन और डॉ आरती मोहन ने आरोग्यधाम की टीम के साथ निःशुल्क चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया। गुरु पर्व के अवसर पर आई संगत के स्वास्थ्य लाभ के लिए कोरोना डेंगू के साथ-साथ चिकनगुनिया और वायरल निमोनाइटिस आदि की निःशुल्क दवाइयां संगत को वितरित की। वरिष्ठ होम्योपैथिक चिकित्सक डा. आरती मोहन ने कहा कि इस सर्दी के दौर में गर्भवती महिलाएं एवं छोटे बच्चे बहुत आवश्यकता पड़ने पर ही घर से बाहर निकले। डा. हेमंत मोहन ने बताया कि लक्षणों के आधार पर होम्योपैथिक दवाइयां लेने से प्रतिरोधक क्षमता बढ़ जाती है और होम्योपैथिक दवाओं से मर्ज के साथ संपूर्ण मरीज का उपचार होता है। बताया कि डेंगू व कोरोना के पश्चात फेफड़े में फाइब्रोसिस हो जाती है जिसकी वजह से फेफड़े की कार्य क्षमता घट जाती है और सांस लेने में दिक्कत महसूस होती है। कैंप का उद्घाटन गुरु गोविंद सिंह सभा कानपुर के अध्यक्ष हरविंदर सिंह लार्ड जी ने आरोग्यधाम की टीम के साथ किया। इस दौरान डा. आभिषेक सिंह, जेपी सिंह, डा. रोशनी सिंह, अनुज अवस्थी आदि मौजूद रहें।

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