अलवर (हि.स.)। सरिस्का बफर जोन में शहर के बुध विहार रिहायशी इलाके के निकट वाले पहाड़ पर शनिवार की शाम आग लग गई। आग की घटना का पता शाम अंधेरा होने के बाद चला। आग की लपटे दूर से शहर वासियों को दिख रही थी। घटना की सूचना के सरिस्का की टीम मौके पर पहुंची साथ ही तीन दमकल भी मौके पर पहुंची और पहाड़ के नीचे खड़ी रही। इसके बाद सरिस्का से पहुंचे कर्मचारी व सिविल डिफेंस के कर्मचारियों ने पहाड़ पर चढ़कर देर रात तक आग पर काबू पा लिया। आग कीन्ह कारणों से लगी इसका खुलासा नही हो सका। हालांकि कर्मचारियों की मुस्तेदी के चलते आग पर काबू पा लिया गया। वरना सरिस्का की तरह बड़ा नुकसान जंगल को हो सकता था।
सरिस्का में भी 2 बार लग चुकी है आग
सरिस्का टाइगर रिजर्व के जंगल में 27 मार्च की दोपहर आग लगी। जिसके 4 दिन बाद आग पर काबू पाया गया। वायुसेना के दो हेलीकॉप्टर ने आग पर काबू पाया था। इससे करीब 20 किमी एरिया में जंगल को नुकसान हुआ है। यहां राहत की बात यह रही कि वन्यजीव जंतुओं के नुकसान की कोई खबर नही मिली।
दूसरी बार 4 अप्रैल को सरिस्का के जंगल में टहला के पास जहाज वाले हनुमान जी मंदिर के पास जंगल में आग लग गई। आग की सूचना पर ग्रामीण व कर्मचारी मौके पर पहुंचे और अगले दिन आग पर काबू पाया गया। करीब 2 किलोमीटर के एरिए में आग लगी थी।
प्रधानमंत्री ने भी की थी सीएम से बात
सरिस्का आग मामले में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से फोन पर बात की थी । मोदी ने सरिस्का में आग लगने की स्थिति पर चिंता जताते हुए हर संभव मदद का आश्वासन दिया था। वहीं इस घटना के बाद सरिस्का पर पूरे देश की नजर थी।
सूखे पत्ते, घास, पेड़ है आग लगने का कारण
इन दिनों जिले में तापमान बहुत अधिक है। जिस कारण आग लग रही है। वहीं आग पर काबू पाने में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। जंगल में इस समय पेड़, पत्ते, घास सुखी हुई है। जिस कारण आग इधर से उधर फैलती जा रही है। कर्मचारी व ग्रामीण परम्परागत तरीके से आग बुझाने का प्रयास कर रहे है।
मनीष बावलिया/ ईश्वर
