– कैबिनेट मंत्री बोले मत्स्य समुदाय केन्द्र में मल्लाह दर्ज है जिसे अब अनुसूचित जाति का दर्जा प्राप्त हो गया
मुुरादाबाद (हि.स.)। उत्तर प्रदेश सरकार में मत्स्य मंत्री डा. संजय कुमार निषाद ने शुक्रवार शाम को पंचायत भवन सभागार में आयोजित कार्यक्रम में कहा कि उप्र सरकार ने मछुआ समुदाय के लिए मछुया कल्याण कोष की स्थापना की है। सरकर मछुआ समुदाय के उत्थान के लिए निरन्तर कार्य कर रही है। उन्होंन बताया कि मत्स्य समुदाय केन्द्र में मल्लाह दर्ज है जिसे अब अनुसूचित जाति का दर्जा प्राप्त हो गया है।
कैबिनेट मंत्री डा. संजय कुमार निषाद ने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार सभी वर्गों के लिए बिना भेदभाव के कार्य कर रही है और सभी को शिक्षा, स्वास्थ्य एवं रोजगार उपलब्ध करा रही है। उन्होंने बताया कि सरकार ग्रामीण अंचल में मत्स्य पालन को बढ़ावा देने, वृहद एवं मध्यमाकार मानव निर्मित जलाशयों की उपयुक्त प्रबन्ध व्यवस्था ताकि इस प्रकार के जल संसाधन से निरन्तरता के आधार पर अधिकतम मत्स्य उत्पादन प्राप्त हो सके तथा निजी क्षेत्र में पालन योग कार्य मत्स्य प्रजातियों के उत्तम मत्स्य बीज का उत्पादन की रणनीति पर कार्य कर रही है।
मत्स्य मंत्री ने बताया कि भारत सरकार व प्रदेश सरकार द्वारा 60,000 प्रति हेक्टेयर की वित्तीय सहायता अनुमन्य है। शासकीय अनुदान 20 प्रतिशत की दर से अधिकतम् 12,000 प्रति हेक्टेयर है (सभी के लिए)। 25 प्रतिशत की दर से अधिकतम 15,000 प्रति हेक्टयेर (अनुसूचित जाति एवं जनजाति के लिए) सरकार द्वारा तालाब निर्माण, प्रथम बार के लिए उत्पादन निवेश, समन्वित मत्स्य पालन एरेटर की सुविधा, हैचरी की स्थापना, फीड मिल की स्थापना हेतु वित्तीय सहायता अनुमन्य करा रही है।
उन्होंने कहा कि तालाब से मछली का अधिक उत्पादन प्राप्त करने के लिए मत्स्य पालकों को मत्स्य पालन की आधुनिक तकनीक की जानकारी नितान्त आवश्यक है, प्रत्येक जनपद में स्थापित मत्स्य पालक विकास अभिकरण द्वारा मत्स्य पालकों को 10 दिन का अल्पकालीन प्रशिक्षण भी दिया जाता है तथा इस प्रशिक्षण अवधि में रुपये 100 प्रतिदिन की दर से प्रशिक्षण भत्ता एवं रुपये 100 एक मुश्त भ्रमण व्यय भी दिए जाने की व्यवस्था है।
निमित जायसवाल
