नई दिल्ली (हि.स.)। केंद्र सरकार पर कर्ज का बोझ बढ़ गया है। सरकार की कुल देनदारी दूसरी तिमाही यानी सितंबर के अंत में बढ़कर 147.19 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गई है। इससे पहले जून तिमाही में यह 145.72 करोड़ रुपये थी। सार्वजनिक कर्ज के ताजा आंकड़ों के मुताबिक प्रतिशत के हिसाब से तिमाही आधार पर इसमें एक फीसदी की वृद्धि हुई है।
वित्त मंत्रालय की ओर से मंगलवार को सार्वजनिक कर्ज प्रबंधन पर जारी तिमाही रिपोर्ट के मुताबिक सरकार की कुल देनदारी सितंबर के अंत में बढ़कर 147.19 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गई है। इससे पहले जून तिमाही में यह 145.72 करोड़ रुपये थी। वित्त वर्ष 2022-23 की दूसरी तिमाही में इसमें एक फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। इस साल सितंबर के अंत में सार्वजनिक कर्ज, सकल देनदारी का 89.1 फीसदी रहा है, जो 30 जून को समाप्त तिमाही में 88.3 फीसदी था।
चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही के दौरान केंद्र ने प्रतिभूतियों के जरिए 4,06,000 करोड़ रुपये जुटाये हैं जबकि उधारी कार्यक्रम के तहत अधिसूचित राशि 4,22,000 करोड़ रुपये थी। वहीं, 92,371.15 करोड़ रुपये लौटाये गए हैं। इस तरह वित्त वर्ष 2022-23 की दूसरी तिमाही के दौरान भारांश औसत प्रतिफल बढ़कर 7.33 फीसदी हो गया, जो पहली तिमाही में 7.23 फीसदी था। रिपोर्ट के मुताबिक देश का विदेशी मुद्रा भंडार 30 सितंबर, 2022 को 532.66 अरब डॉलर रहा, जो 24 सितंबर, 2021 को 638.64 अरब डॉलर था। एक जुलाई से 30 सितंबर, 2022 के दौरान डॉलर के मुकाबले रुपया 3.11 फीसदी नीचे आया है।
प्रजेश शंकर
