नौकरी दिलाने के नाम पर उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में सैकड़ों लोगों से की गई थी ठगी
-सौ कम्पनियों के लोगों के फर्जी आधार कार्ड बनाने के फार्मेट, ज्वानिंग लेटर का फार्मेट बरामद
-190 लोगों के आधार कार्ड, पासबुकेें, अन्य कागजात व सोने के गहने व नकदी भी बरामद
हमीरपुर(हि.स.)। उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में सैकड़ों लोगों को रेलवे, इनकम टैक्स सहित कई सरकारी डिपार्टमेंट में नौकरी दिलाने के नाम पर 15 करोड़ से अधिक रुपये की ठगी करने के सनसनीखेज मामले का आज यहां हमीरपुर में एसपी ने खुलासा किया है। गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार कर भारी मात्रा में कागजात, आधार कार्ड, ज्वाइनिंग लेटर के फार्मेट, आडी के अलावा गहने और नकदी बरामद किया गया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से बीजेपी का झंडा लगी लग्जरी कार भी बरामद की है।
एसपी शुभम पटेल ने शनिवार को बताया कि मौदहा क्षेत्र के मदारपुर गांव निवासी शाहबाज खान ने पिछले माह की 22 तारीख को एक शिकायत दर्ज कराई थी। जिसमें फारेस्ट डिपार्टमेंट में नौकरी दिलाने के नाम पर मुगलसराय चंदौली निवासी इंजतार खान पुत्र वहाब खान व उसके गैंग ने 2.94 लाख तीन सौ रुपये की ठगी की थी। इस मामले को लेकर साइबर टीम को लगाया गया। पुलिस की टीमें भी गठित की गई।
बताया कि मौदहा कोतवाली के इंस्पेक्टर भरत कुमार व साइबर क्राइम सेल के इंस्पेक्टर बृजेश कुमार यादव की टीम ने मौदहा क्षेत्र के नरायच के पास कानपुर-सागर नेशनल हाइवे से मुखबिर की सूचना पर छापेमारी कर ग्राम लच्छीपुर मल्लावां हरदोई निवासी अंकित त्रिपाठी पुत्र अरुणोदय त्रिपाठी, ग्राम हरथला काठ रोड सोनकपुर थाना सिविल लाइन मुरादाबाद निवासी व ग्राम मथिया मुगलसराय चंदौली निवासी इंतजार खान को गिरफ्तार किया है।
एसपी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से 80 हजार रुपये की नकदी, बीजेपी झंडा लगी एक्सयूवी-500 कार-यूपी,32एफ-6561, चार लैपटाप, लाखों रुपये कीमत के 13 मोबाइल फोन, एक जियो वाइफाई, एक मुहर, 18 बैंकों के चेकबुक, सात बैंकों की पासबुकें, सात एटीएम कार्ड, 60 आधार कार्ड, 3 पैन कार्ड, चार आईडी, आठ बैंकों की चेकेें, छह स्टांप पेपर, गहने, विधायक लिखा स्टीकर, सात एडमिट कार्ड, एक ट्रेनिंग आईडी की फोटोकापी, एक एफसीआई की आईडी फोटोकापी, एक ट्रेनिंग लेटर लखनऊ मेट्रो, अंकित त्रिपाठी के आवासीय भूखंड का रजिस्ट्री पेपर, दस लाख रुपये का श्रीराम लाइफ इंश्योरेन्स पेपर, इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के घोषणा पत्र, दो मोटर वाहन की आरसी, 190 लोगों के फोटो, आधार कार्ड, पासबुक, पेन कार्ड व शैक्षणिक प्रमाणपत्र, 140 पासपोर्ट साइज की फोटो, रुपयों के ऑनलाइन ट्राजेक्शन के कागजात, 100 कम्पनियों के लोगो, फर्जी आधार कार्ड बनाने का फार्मेट सहित अन्य सामग्री बरामद की गई है।
उन्होंने बताया कि पुलिस टीम को पांच हजार रुपये का इनाम उनके स्तर से दिया जाएगा। साथ ही डीजीपी भी पुलिस टीम को पुरस्कृत करेंगे। गैंग का एक कार्यालय लखनऊ में चल रहा था जिस पर कार्रवाई की गई है। साथ ही बैंकों में इनके खाते फ्रीज कर दिए गए हैं।
सालों से नौकरी दिलाने के नाम ठगी का चल रहा था खेल
एसपी ने बताया कि जांच में पाया गया कि गिरफ्तार आरोपियों के अलावा गैंग में अनिकेत उर्फ अमित, अनुराग त्रिपाठी व अभिषेक पाण्डेय भी शामिल है। इस गैंग ने एफसीआई में सुपरवाइजर, लेबर, रेलवे में टीसी, वन विभाग में माली, इनकम टैक्स में टैक्स असिस्टेंट, चपरासी, हास्पिटल में कम्प्यूटर आपरेटर, स्टाफ नर्स, बैंक में कम्प्यूटर आपरेटर, ब्लाक कार्यालयों में डीपीएम की सरकारी नौकरी देने का फर्जी काम करते थे। बताया कि ठगों के इस गैंग ने उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के विभिन्न इलाकों से सरकारी नौकरी देने के लिए बेरोजगारों को फंसाया जाता था। इसके लिए बेरोजगारों से इनके आधार कार्ड, पैन कार्ड, फोटो, शैक्षणिक प्रमाणपत्र की फोटो कापी के साथ प्रत्येक से निर्धारित शुल्क भी गैंग के लोग लेते थे।
रेलवे डिपार्टमेंट में टीसी के लिए वसूले जाते थे 9 लाख रुपये
एसपी ने बताया कि सुपरवाइजर पद के लिए गैंग तीन लाख रुपये बेरोजगारों से लेता था वहीं लेबर के लिए 50 हजार, रेलवे में टीसी के लिए नौ लाख, इनकम टैक्स में टैक्स असिस्टेंट पद के लिए 9 लाख, चपरासी बनने के लिए तीन लाख रुपये निर्धारित था। बताया कि गैंग के प्रत्येक सदस्य मिलकर ठगी का यह खेल खेलते थे। बेरोजगारों को बुलवाकर सबसे पहले डिपार्टमेंट से फर्जी ज्वाइनिंग लेटर दिया जाता था फिर उन्हें ट्रेनिंग के लिए बुलवाया जाता था। गैंग का सदस्य अनिकेत द्वारा कानपुर में एफसीआई नौबस्ता, घंटाघर, रेलवे स्टेशन कानपुर, गुजैनी पौधशाला, इनकम टैक्स आफिस में फर्जी ढंग से ट्रेनिंग भी दी जाती थी। फर्जी ज्वाइनिंग लेटर, आईडी, कम्पनी के लोगों व डिजिटल हस्ताक्षर, फर्जी आधार कार्ड बनाता था।
महिला समेत तमाम बेरोजगारों से वसूले गए करोड़ों रुपये
कानपुर के कल्यानपुर स्थित आवास विकास कालोनी निवासी पूजा सिंह पत्नी सुबोध सिंह से गैंग ने 38 लाख रुपये नौकरी देने के नाम पर वसूले थे जिसे लेकर मुकदमा हाल में ही वहां लिखा गया है। एसपी ने बताया कि हरदोई के अजीत से 15 लाख, कालागढ़ पौड़ी गढ़वाल उत्तराखंड निवासी यतेन्द्र से 70 लाख, सिरौर मनरेरी उत्तरकाशी निवासी दीपक नेगी से 9 लाख, मुरादाबाद निवासी अनुज से 30 लाख व आजमगढ़ निवासी कैलाश से तीन लाख रुपये नौकरी दिलाने के नाम पर वसूली करने का मामला जांच में सामने आया है। बताया कि आरोपी सूरज के बैंक स्टेटमेंट खंगालने पर पाया गया कि 10.30 करोड़ रुपये व अंकित के बैंक स्टेटमेंट के आधार पर 4.75 करोड़ रुपये का साइबर फ्राॅड सम्बन्धी ट्रांजेक्शन होना मिला है।
पंकज
